हनुमानगढ़ी आश्रम में भागवत कथा के चौथे दिन गूंजा भक्ति रस,
1 min readहनुमानगढ़ी आश्रम में भागवत कथा के चौथे दिन गूंजा भक्ति रस,
महाराज भरत, जड़ भरत, अजामिल व प्रह्लाद चरित्र का हुआ भावपूर्ण वर्णन,
सैंपऊ,
ग्राम कैंथरी स्थित हनुमानगढ़ी आश्रम में महंत शांतिदास महाराज के सानिध्य में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। कथा के मुख्य यजमान बौहरे देवेश शर्मा एवं श्रीमती मंजू शर्मा (कैंथरी) रहे।
कथा व्यास पूज्य सत्यदेवदास जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं भक्तिमय प्रवचनों में महाराज भरत के त्याग एवं वैराग्य, जड़ भरत और राजा रहूगण के संवाद, अजामिल चरित्र तथा भक्त प्रह्लाद की अटूट भगवान भक्ति का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को धर्म, भक्ति, वैराग्य और सदाचार का मार्ग दिखाती है तथा भगवान के नाम का स्मरण ही जीवन का सबसे बड़ा आधार है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर भगवान के जयघोष करते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया और आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
इस अवसर पर एसएचओ परमेंद्र रावत, ठाकुर रायसिंह परमार, बौहरे कपिल शर्मा (कैंथरी), बौहरे राम शर्मा (कैंथरी), हप्पू मार साहब, पंकज शर्मा (भगत जी), बौहरे रामप्रकाश शर्मा, भोलाराम शर्मा, बौहरे सत्यवीर शर्मा (सत्तो), रामनारायण दादा, रघु ठाकुर, आलोक ठाकुर (राघव शरणागति ग्रुप), धीरज समाधिया, बंटू समाधिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

