रात को निकाला पानी, सुबह फिर बनी झील आखिर कब मिलेगा जलभराव से निजात, स्थानीय लोग परेशान
1 min readधौलपुर राजस्थान।

बाड़ी, धौलपुर
बाड़ी शहर की जल निकासी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे का एक वीडियो सामने आया, जिसमें महाराणा प्रताप स्टेडियम मार्ग पर सड़क फिर से पानी में डूबी नजर आई। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका ने बुधवार देर रात ट्रैक्टर लगाकर सड़क पर भरे पानी को मैदान में डलवाकर राहत देने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ ही घंटों में हालात फिर पहले जैसे हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या अब हर बारिश के साथ दोहराई जाने वाली कहानी बन चुकी है। रातभर पानी निकालने की मशक्कत के बावजूद सुबह सड़क पर दोबारा जलभराव होना इस बात का संकेत है कि समस्या की जड़ अभी भी जस की तस बनी हुई है।
नालों की टेल तक सफाई , बंद पड़े फेरोकवर नहीं हटाए तभी संभव है राहत।
शहरवासियों का मानना है कि नगर पालिका द्वारा तत्काल राहत के प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन केवल सड़क से पानी हटाना समाधान नहीं है। जब तक नालों की टेल तक व्यापक सफाई नहीं होगी, बंद पड़े फेरोकवर नहीं हटाए जाएंगे और जल निकासी मार्ग पूरी तरह सुचारु नहीं किए जाएंगे, तब तक हर बारिश के बाद यही स्थिति दोहराई जाती रहेगी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि मौजूदा नालों की क्षमता पर्याप्त नहीं है तो तकनीकी सर्वे कर उनका स्थायी निकास गुहर्रा नाले तक विकसित किया जाना चाहिए। इससे बरसाती पानी का प्राकृतिक प्रवाह सुनिश्चित होगा और शहर को बार-बार जलभराव की समस्या से राहत मिल सकेगी।
वर्तमान में संतनगर रोड, तुलसीवन रोड, बसेड़ी रोड, अवस्थी कॉलोनी, कायस्थ पाड़ा पुलिया सहित कई इलाके हर बारिश में जलमग्न हो जाते हैं। इससे आमजन, स्कूली बच्चों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थाई समाधान हो तभी मिलेगी शहर वासियों को राहत।
अब शहरवासियों की मांग है कि नगर पालिका हर बार पानी निकालने जैसी अस्थायी व्यवस्था पर खर्च करने के बजाय एक दीर्घकालिक, वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर स्थायी ड्रेनेज योजना तैयार करे। क्योंकि जब तक जल निकासी व्यवस्था को मूल स्तर पर नहीं सुधारा जाएगा, तब तक ट्रैक्टर से पानी निकालने की कवायद केवल कुछ घंटों की राहत ही दे पाएगी और बाड़ी की सड़कों पर हर बारिश के बाद फिर वही “तालाब” नजर आएगा।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो
