टेंडर पूरे, लेकिन सड़कें अब भी बदहाल, सरमथुरा की लिंक रोड पर बारिश बनी नई मुसीबत,
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सरमथुरा, धौलपुर
सरमथुरा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुलिया निर्माण कार्य विभागीय सुस्ती की भेंट चढ़ गया है। करीब एक वर्ष पहले स्वीकृत विकास कार्य आज भी धरातल पर शुरू नहीं हो सके हैं। इस बीच मानसून की बारिश ने शहर की लिंक सड़कों की बदहाली को और उजागर कर दिया है। जगह-जगह गहरे गड्डों में पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक दिक्कत शहर की करौली रोड और बाड़ी रोड को जोड़ने वाली लिंक सड़क पर देखने को मिल रही है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और बरसात के कारण गड्डे पानी से भर गए हैं। इससे वाहन चालकों को गड्डों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
एक साल टेंडर में ही निकल गया, अब वर्क ऑर्डर का इंतजार
सरकार ने लगभग एक वर्ष पहले शहर की लिंक सड़कों के निर्माण तथा पार्वती नदी स्थित तकैयापुरा की क्षतिग्रस्त पुलिया के पुनर्निर्माण सहित करीब दस विकास कार्यों को मंजूरी दी थी। सार्वजनिक निर्माण विभाग (सानिवि) ने सभी कार्यों का एक साथ टेंडर जारी किया, लेकिन ठेकेदारों के बीच विवाद और शिकायतों के कारण पूरी प्रक्रिया लंबी खिंच गई। जांच और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अलग-अलग टेंडर जारी किए जा चुके हैं, लेकिन संबंधित फर्मों को अभी तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
मानसून ने बढ़ाई चिंता,
बरसात शुरू होने से पहले सड़क निर्माण का सबसे उपयुक्त समय माना जाता है, लेकिन विभागीय देरी के चलते अब मानसून के बीच काम शुरू होना मुश्किल नजर आ रहा है। यदि बारिश का हवाला देकर निर्माण कार्य आगे टाल दिया गया तो लोगों को पूरे मानसून बदहाल सड़कों पर सफर करना पड़ेगा।
पार्वती नदी की पुलिया का निर्माण भी अधर में,
तकैयापुरा स्थित पार्वती नदी की क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण भी फिलहाल संभव नहीं दिख रहा। बारिश के मौसम में नदी में करौली जिले से भारी जल प्रवाह आने के कारण निर्माण कार्य कर पाना मुश्किल है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने से आसपास के गांवों के लोगों को रोजाना लंबा चक्कर लगाना पड़ता है और कई बार रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं। ग्रामीण कई बार प्रशासन को ज्ञापन देकर पुलिया निर्माण की मांग कर चुके हैं।
शहर की सड़कें भी खस्ताहाल,
शहर की अधिकांश सड़कें किसी न किसी कारण से क्षतिग्रस्त हैं। कहीं जलदाय विभाग द्वारा पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें उखड़ी पड़ी हैं तो कहीं टूटी नालियों और धंसी हुई सड़कों ने आवागमन मुश्किल बना दिया है।
जलभराव और ऊबड़-खाबड़ शहर की सड़कें भी खस्ताहाल,
शहर की अधिकांश सड़कें किसी न किसी कारण से क्षतिग्रस्त हैं। कहीं जलदाय विभाग द्वारा पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें उखड़ी पड़ी हैं तो कहीं टूटी नालियों और धंसी हुई सड़कों ने आवागमन मुश्किल बना दिया है। जलभराव और ऊबड़-खाबड़ सड़कें दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिवकुमार शर्मा ने बताया कि ठेकेदारों के बीच विवाद के कारण टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई। अब शहर की लिंक सड़कों का कार्य शीघ्र शुरू करने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान बारिश के मौसम में पार्वती नदी की पुलिया का निर्माण संभव नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब स्वीकृति, बजट और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो आखिर वर्क ऑर्डर जारी होने में और कितनी देरी होगी? जब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक सरमथुरा के लोगों को बदहाल सड़कों और जलभराव की समस्या से राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

