July 15, 2026

Awadh Speed News

Just another wordpress site

गैंगस्टर एक्ट में बड़ा फैसला, दो अभियुक्तों को 3-3 वर्ष का कठोर कारावास, ₹5-5 हजार का अर्थदंड

1 min read
Spread the love

बांदा।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने बताया कि जनपद बांदा के थाना बदौसा में तत्कालीन थाना प्रभारी राजीव यादव द्वारा दिनांक 02 जून 2015 को मु0अ0सं0 69/2015, धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत अभियुक्त कमलेश पुत्र गामा सिंह और चुनूबाद पुत्र रामदयाल थाना बदौसा जनपद बांदा के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अभियोजन के अनुसार अभियुक्तों का एक संगठित गिरोह था, जिसका सरगना सन्नू सिंह था जिसकी मृत्यु दौरान मुकदमा हो गई थी तथा अन्य अभियुक्त उसके सक्रिय सदस्य थे। गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध पूर्व से कई आपराधिक मुकदमे पंजीकृत थे। अभियुक्त संगठित रूप से अपराध कर आर्थिक एवं भौतिक लाभ अर्जित करने के अभ्यस्त थे। इनके विरुद्ध दर्ज आधारभूत मुकदमों एवं आपराधिक इतिहास के आधार पर गैंग चार्ट तैयार किया गया, जिसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किया गया तथा अभियोजन स्वीकृति प्राप्त होने के बाद गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की गई।
उक्त मुकदमे की विवेचना तत्कालीन विवेचक निरीक्षक शिव सागर पांडेय द्वारा संपादित की गई। विवेचना के दौरान अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास, गैंग चार्ट, एफआईआर, सामान्य डायरी एवं अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का संकलन कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही उनके द्वारा संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने, जनता में भय एवं आतंक का वातावरण उत्पन्न करने तथा अपराधों के माध्यम से आर्थिक एवं भौतिक लाभ अर्जित करने के आधार पर की गई थी। गिरोह की गतिविधियों से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहता था, जिसके कारण आमजन इनके विरुद्ध शिकायत करने एवं गवाही देने से भी कतराते थे।
मामले की सुनवाई के दौरान दिनांक 12 फरवरी 2016 को न्यायालय द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप निर्धारित किए गए। अभियोजन ने मुक़दमे में कुल 6 गवाह पेश कर साक्ष्य कराया गया अभिलेखीय साक्ष्य न्यायालय में सिद्ध कराए गए।
अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर समयबद्ध रूप से साक्षियों का साक्ष्य कराकर प्रभावी पैरवी किए जाने के फलस्वरूप अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), बांदा श्री पाल सिंह ने उपलब्ध मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त कमलेश पुत्र गामा सिंह और चुनूबाद पुत्र रामदयाल थाना बदौसा को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने अपने 29 पेज के निर्णय में दोनों अभियुक्तों को 03-03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5000-5000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक अभियुक्त को एक-एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
उक्त मुकदमे में पैरोकार पुष्पेंद्र कुमार, कोर्ट मोहर्रिर रघुनाथ मौर्य तथा विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा और अभियुक्तों को सजा दिलाई जा सकीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *