जमीनी विवाद में नया मोड़, युवक को बुलाकर मारपीट व हत्या की कोशिश का आरोप, तहरीर के बाद भी कार्रवाई नहीं
1 min readजमीनी विवाद में नया मोड़: युवक को बुलाकर मारपीट व हत्या की कोशिश का आरोप, तहरीर के बाद भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित विकास कोरी ने उच्चाधिकारियों से लगाई गुहार, SHO पर लापरवाही का आरोप; जान-माल के खतरे की जताई आशंका
रूदौली/अयोध्या।
जनपद के बाबा बाजार थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद का मामला अब गंभीर आपराधिक आरोपों तक पहुंच गया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसे बातचीत के बहाने बुलाकर न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसकी जान लेने की कोशिश भी की गई। पीड़ित का कहना है कि उसने मामले की लिखित शिकायत थाना बाबा बाजार में दी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे आहत होकर पीड़ित ने अब उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। मामला ग्राम बढ़ई मिश्र का पुरवा, पोस्ट सैदपुर, थाना बाबा बाजार निवासी विकास कोरी पुत्र दुर्गा प्रसाद से जुड़ा है। पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, उसका आनंद कुमार पुत्र राम सजीवन, निवासी काली गोसाई का पुरवा से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि 20 जून 2026 को शाम करीब 7:30 बजे आनंद कुमार ने उसे बातचीत और समझौते के बहाने संत बाबा भीखा दास की कुटी पर बुलाया। विकास का कहना है कि जैसे ही वह वहां पहुंचा, आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की कोशिश की। उसने आरोप लगाया कि यदि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर न पहुंचते, तो उसके साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। तहरीर में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने जाते-जाते पीड़ित को दोबारा मिलने पर जान से मार देने की धमकी भी दी है। विकास कोरी का दावा है कि आरोपी द्वारा उसे फोन कर बुलाए जाने की रिकॉर्डिंग भी उसके पास मौजूद है, जिसे वह साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने को तैयार है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उसने थाना बाबा बाजार में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन SHO स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं, पीड़ित का कहना है कि दो दिन बाद जब उसे थाने बुलाया गया, तो थाना प्रभारी ने कथित तौर पर कहा कि अगर तुम्हें जान का खतरा हो जाएगा तो दो-तीन लाख रुपये का अनुदान करवा दूंगा। इस कथित बयान के बाद पीड़ित और उसके परिवार में भय और नाराजगी है। विकास कोरी ने अब उच्च पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। उसका कहना है कि आरोपी पक्ष से उसे और उसके परिवार को लगातार जान-माल का खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच कर, मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कराने की मांग की है। इस संबंध में जब क्षेत्राधिकारी रूदौली आशीष निगम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले में थाना प्रभारी से जांच रिपोर्ट मांगी जाएगी और शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस पीड़ित की शिकायत पर समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई करेगी, या फिर एक बार फिर फरियादी को न्याय के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकना पड़ेगा।

