कालिंजर किला स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में अव्यवस्थाओं से श्रद्धालु परेशान
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बांदा कालिंजर

जनपद में ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध स्थित में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को कई मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थल के निरीक्षण के दौरान पेयजल, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं में कई कमियां देखने को मिलीं, जिससे श्रद्धालुओं में असंतोष व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई देती है। किले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की संख्या सीमित होने से कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी नहीं दिखती।
पर्यटकों का कहना है कि कालिंजर किला ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद यहां प्रशिक्षित गाइडों की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसके कारण आगंतुकों को किले के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक महत्व की सही जानकारी नहीं मिल पाती। साथ ही भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था के अभाव में विशेष अवसरों एवं त्योहारों के दौरान स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
महिलाओं, वृद्धजनों एवं बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं की कमी भी एक प्रमुख समस्या के रूप में सामने आई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनके लिए विश्राम, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता है।
कुछ श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना संबंधी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की कमी तथा स्थानीय स्तर पर मनमानी की शिकायतें भी की हैं। इसके अतिरिक्त किले के कई ऐतिहासिक हिस्सों में संरक्षण एवं रखरखाव कार्यों की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिससे इस अमूल्य धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है ।कि परिसर में एक सूचना बोर्ड लगाया जाए, जिस पर सरकार द्वारा प्राप्त धनराशि, विकास कार्यों का विवरण तथा व्यय का पूरा लेखा-जोखा स्पष्ट रूप से अंकित हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता को जानकारी मिल सके।
श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और निगरानी बढ़ाए जाने की आवश्यकता ह।, जिससे समस्याओं का समयबद्ध निष्कर्ष हो सके।
कालिंजर किला और नीलकंठ महादेव मंदिर देश की अमूल्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर हैं। यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, सुरक्षा, महिला सुविधाओं, गाइड व्यवस्था, धरोहर संरक्षण तथा प्रशासनिक निगरानी में सुधार किया जाना आवश्यक है। स्थानीय लोगों का मानना है। कि यदि संबंधित विभाग इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दें तो कालिंजर किला धार्मिक एवं पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकता है।
