चंबल नदी के तट से लगे गांवों में चलाया जागरूकता अभियान ,
1 min readधौलपुर, राजस्थान
सर्वोच्च न्यायालय के सोमोटो पिटीशन के आधार पर जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी व जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान की दिशा निर्देशन में
जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा चंबल नदी के तट से लगे गांव में बालू का खनन करने वालों के बीच समझाइश अभियान चलाया गया।
जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की पालना में हमारे द्वारा चंबल नदी के तट से लगे गांव में जाकर जांच दल द्वारा ग्रामीणों के बीच समझाया अभियान चलाया गया।
हमारे द्वारा ग्रामीणों को बताया गया कि वह चंबल नदी के तट से रेत का अवैध परिवहन ना करें, यदि आप रेत का अवैध परिवहन करते हुए पाए जाते हैं तो आपके वहां को सीज कर दिया जाएगा , जिसकी सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में ही होगी।
उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुमोटो रिट याचिका (सिविल) संख्या 2/2026 मे दिनांक 17 अप्रैल 2026 को पारित आदेश में राष्ट्रीय चम्बल सेन्चुरी में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के क्रम में धौलपुर जिले में खनन कार्य में पंजीकृत/संचालित वाहन एवं मशीनरी तथा ट्रेक्टर, एक्सकेवेटर्स, लोडर्स, ड्रेजर्स एवं अन्य उपकरण एवं मशीनरी में एआईएस-140 मानक, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जाना अनिवार्य किया गया है।
उक्त आदेश की पालना में 15 जून 2026 के पश्चात उक्त वाहनों के नवीन पंजीकरण, पंजीकरण नवीनीकरण, परमिट नवीनीकरण, फिटनेस नवीनीकरण सहित सभी सेवायें वीएलटी डिवाइस लगवाने / एक्टिव करवाने पर ही देय होगीं।
15 जुलाई 2026 के पश्चात से पालना नहीं करने वाले वाहनों पर सख्त प्रवर्तन कार्यवाही कर जब्ती की जावेगी तथा माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश बिना जप्त शुदा वाहनों को छोडा नहीं जावेगा।
उक्त श्रेणी के वाहनों में किसी भी निर्माता की एआईएस-140 मानक व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाई जा सकेगी। जिसका इंटीग्रेशन स्टेट बेकेन्ड के साथ किया जाना अनिवार्य होगा।
जिन वाहनों में खान एवं भू-विज्ञान विभाग के आदेश से वीएलटीडी डिवाइस लगवाई गई है। उनका इंटीग्रेशन भी स्टेट बेकेण्ड के साथ किया जाना अनिवार्य होगा। ऐसे वाहनों में लगी वीएलटीडी डिवाइस के इंटीग्रेशन स्टेट बेकेन्ड पर करवाये जाने हेतु खनिज अभियन्ता से समन्वय किया जाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि जिन वीएलटीडी डिवाइस के मॉडल का इंटीग्रेशन स्टेट बेकेन्ड के साथ नही है। उनके निर्माता डिवाइस से संबंधित दस्तावेज प्रर्वतन शाखा परिवहन मुख्यालय, जयपुर में प्रस्तुत करें। उक्त संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला परिवहन कार्यालय, धौलपुर में संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने की है कि जिले में वाहन स्वामी नियमानुसार आगे व पीछे नंबर प्लेट लगाकर ही वाहन का संचालन करे। बिना पंजीयन, बिना नंबर प्लेट, नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़, ओवरलोड़ के अपराध कारित करने पर मोटरवाहन अधिनियम 1988 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही की जाकर ऐसे वाहनों के पंजीयन प्रमाण पत्र एवं परमिट निलंबन, निरस्त की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही वाहन स्वामी कृषि कार्य हेतु पंजीकृत ट्रेक्टर ट्रॉली का व्यवसायिक, गैर कृषि कार्य में उपयोग करना चाहते है, तो कार्यालय में उपस्थित होकर ट्रॉली का व्यवसायिक श्रेणी में पंजीयन कराएं।
उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करें और अपने जीवन को सरल सुगम और सुरक्षित रखें।
ब्यूरो विजय शर्मा

