निजी अस्पतालों में पारदर्शिता व बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती, संयुक्त टीमें करेंगी जांच
1 min readधौलपुर राजस्थान।
निजी अस्पतालों में पारदर्शिता व बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती, संयुक्त टीमें करेंगी औचक निरीक्षण
सीएमएचओ डॉ. मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
धौलपुर,

जिले में निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्म सिंह मीणा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के निजी नर्सिंग होम, अस्पताल संचालकों एवं चिकित्सकों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान सीएमएचओ डॉ. धर्म सिंह मीणा ने सभी निजी चिकित्सालयों को निर्देश दिए कि अस्पताल के बाहर संचालक एवं चिकित्सक का फोटो, चिकित्सक का नाम तथा अस्पताल एवं चिकित्सक का रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि मरीजों एवं परिजनों को सही जानकारी उपलब्ध हो सके। साथ ही प्रत्येक निजी अस्पताल में 24 घंटे एक योग्य चिकित्सा अधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गंभीर मरीजों को समय रहते उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमएचओ डॉ मीणा ने कहा कि जिला कलक्टर के निर्देशानुसार आगामी दिनों में प्रशासन, चिकित्सा विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीमें जिले के समस्त निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण करेंगी तथा व्यवस्थाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की मॉनिटरिंग की जाएगी। चिकित्सा संस्थानों मे किसी भी प्रकार की अनियमितता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान उन्होंने वित्तीय पारदर्शिता को लेकर निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ अथवा बायोमेडिकल वेस्ट वेंडर को नकद भुगतान नहीं किया जाए। सभी भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जाएं।
इसके अतिरिक्त निजी अस्पतालों में ऑपरेशन से जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात की सूचना संबंधित चिकित्सक के विवरण सहित चिकित्सा विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करना अनिवार्य है।
सीएमएचओ डॉ. मीणा ने बताया कि जिले में केवल राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत चिकित्सकों को ही चिकित्सकीय कार्य करने की अनुमति होगी। जिन निजी अस्पतालों में अन्य राज्यों में पंजीकृत चिकित्सक अनुबंधित पाए गए हैं, उनके पंजीयन को निलंबित कर दिया गया है। ऐसे चिकित्सकों को आगामी पांच दिनों में राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण हेतु आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा संबंधित अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमएचओ ने आमजन से भी अपील करते हुए कहा कि किसी भी निजी अस्पताल में भर्ती अथवा उपचार लेने से पहले वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं उपचार करने वाले चिकित्सक की योग्यता और पंजीकरण की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अखिलेश गर्ग एपिडेमियोलॉजिस्ट ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। इस दौरान निजी अस्पताल संचालकों, चिकित्सको सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहें।
ब्यूरो विजय शर्मा
