जिलाधिकारी ने किया समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण व्यवस्थाओं की खुली पोल
1 min readअयोध्या स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल

अयोध्या के रुदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डीएम शशांक त्रिपाठी के औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की परतें उधेड़ कर रख दीं।
डीएम के पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वर्षों से फैली गंदगी को छुपाने के लिए कर्मचारियों ने आनन-फानन में सफाई शुरू कर दी, लेकिन हालात इतने बदतर थे कि अस्पताल परिसर में ही कूड़े में आग लगा दी गई। धुएं और बदबू के बीच मरीज इलाज कराने को मजबूर दिखे।
निरीक्षण में गंदे शौचालय, बदहाल वार्ड और एक ही बेड पर दो-दो, तीन-तीन मरीज भर्ती मिले। इससे साफ हो गया कि जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजों में स्वास्थ्य सेवाओं को चमका रहे हैं, जबकि जमीन पर हालात बद से बदतर हैं।
ग्रामीणों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। स्थानीय निवासी पवन राजपूत ने आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों के नंबर तक ब्लॉक कर दिए जाते हैं ताकि भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं की आवाज बाहर न जा सके।
सीएचसी के डॉक्टरों पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने, बाहर की महंगी दवाइयां लिखने और निजी जांच केंद्रों पर मरीज भेजने जैसे गंभीर आरोप भी लगे। गरीब मरीज सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन यहां उन्हें मजबूरी में जेब ढीली करनी पड़ रही है।
डीएम शशांक त्रिपाठी ने अस्पताल में प्रेरणा कैंटीन खोलने, अतिक्रमण हटाने और विकास कार्यों के प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक जनता बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का शिकार होती रहेगी।
