पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव बोले – “बड़े मंगलवार का आशीर्वाद समाजवादी सरकार की वापसी का संकेत”
1 min readअयोध्या।
ज्येष्ठ मास के तीसरे बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर रिकाबगंज चौराहे पर पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन द्वारा आयोजित भव्य भंडारे में आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। साधु-संतों के सान्निध्य में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पहुंचे पूर्व विधायक आनंद सेन यादव ने भंडारे की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार बड़े मंगलवार पर तेज नारायण पांडे पवन वर्षों से विशाल भंडारे का आयोजन करते आ रहे हैं, वह केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जनता से उनका आत्मीय जुड़ाव दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बजरंगबली का आशीर्वाद आने वाले समय में समाजवादी विचारधारा को नई शक्ति देगा।
आनंद सेन यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बड़े मंगलवार के अवसर पर भंडारे और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जनसेवा कर रहे हैं। यह जनता के बीच पार्टी की गहरी पैठ और विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को जनसमर्थन मिलेगा।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन ने अयोध्या सहित प्रदेश और देश की खुशहाली, समृद्धि और अमन-चैन के लिए बजरंगबली से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि बड़े मंगलवार पर भक्तों के बीच प्रसाद वितरण करना उनके लिए सौभाग्य और आत्मिक संतोष का विषय है।
कार्यक्रम का शुभारंभ महंत जनमेजय शरण, महंत रमेश दास, महंत बाल योगी रामदास सहित संत-महंतों द्वारा हनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। बड़ी संख्या में साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को भव्य रूप दिया।
भंडारे में महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव, महासचिव हामीद जाफर मीसम, भाजपा नेता गिरीश पांडे डिप्पुल विधानसभा अध्यक्ष रक्षा राम यादव महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सरोज यादव महानगर अध्यक्ष अपर्णा जायसवाल कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष रेनू राय जय सिंह राणा यादव शोएब खान एजाज अहमद समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
धार्मिक आस्था और राजनीतिक ऊर्जा के इस संगम ने बड़े मंगलवार को अयोध्या में विशेष बना दिया, जहां भक्ति के साथ-साथ भविष्य की राजनीतिक दिशा पर भी चर्चा होती रही।
