इंसानियत की मिसाल बने ग्रामीण, मृत छुट्टा सांड को पूरे सम्मान के साथ कराया दफन
1 min readअयोध्या की तहसील सोहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत लखोरी में इंसानियत और पशु सेवा की एक भावुक तस्वीर सामने आई। गांव में एक छुट्टा सांड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। भीषण गर्मी और किसी जहरीले जीव-जंतु के काटने की आशंका जताई जा रही है। सांड की हालत बिगड़ने पर ग्राम प्रधान मुकेश रावत ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उसका उपचार कराने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
घटना के बाद गांव का माहौल भावुक हो उठा। सुबह ग्राम प्रधान ने जेसीबी मशीन मंगवाई और ग्रामीणों के सहयोग से मृत छुट्टा पशु को पूरे सम्मान के साथ दफन कराया। इस दौरान कई ग्रामीणों की आंखें नम दिखीं।
ग्राम प्रधान मुकेश रावत ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा था कि किसी जहरीले जीव-जंतु ने सांड को काट लिया था, जिसके चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने कहा कि “हम लोगों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे बचा नहीं पाए। एक बेजुबान जानवर को इस तरह तड़पते देख मन बेहद दुखी हो गया।”
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पशु भी जीव हैं और उन्हें भी दर्द होता है। अगर कहीं कोई पशु बीमार, घायल या तकलीफ में दिखाई दे तो उसकी मदद करनी चाहिए। साथ ही यदि किसी पशु की मृत्यु हो जाए तो उसे सम्मानपूर्वक दफन कराया जाना चाहिए।
ग्राम पंचायत लखोरी में ग्रामीणों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं, बल्कि बेजुबान पशुओं के प्रति दया और सेवा भी हमारी जिम्मेदारी है।

