योगी सरकार में आठ साल पूरे होने पर भी जनता को नहीं मिला गड्ढा मुक्त सड़क
1 min readयोगी सरकार में आठ साल पूरे होने पर भी जनता को नहीं मिला गड्ढा मुक्त सड़क
भाजपा के विधायक राजेश गौतम के भ्रष्टाचार की कहानी की पोल खोलती सड़क
कादीपुर/सुलतानपुर
समाजिक मुद्दे पर चर्चा नहीं होती, और जनता को सुविधा उपलब्ध करना सत्ता में बैठे नेताओं की जिम्मेदारी बखूबी प्रदर्शित स्थानीय लोगों कितना खुश हाल है यहां उस स्थिति के ऊपर निर्भर करता है, जनता की मांग को नजर अंदाज किया दिया जा रहा है।जबकि सरकार कौन है?इस शब्द को स्थान दिया जाता है। लेकिन नेता कौन है। इस शब्द के हकीकत को जानना जरूरी है। नेता और सरकार में अन्तर करना जरूरी,क्योंकि यह शब्द नहीं, बल्कि आपके मंजिल की दिखाते हुए नई दिशा और दशा को तैयार करता है, समय में अपवाद की स्थिति बनी हुई है, कोई मेरा कहता है कोई पराया कहता है।इसी के बीच में पड़ने वाले समाजिक मुद्दे को पीस दिया जा रहा है, और हकीकत में पुरी तरह से अलग पृष्ठ भूमि तैयार है,जो सत्य और असत्य में अन्तर करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है।जो शब्दों को छीनकर इधर से उधर कर समाज में जहर धोल दिया जा रहा है। शिक्षा और दीक्षा में केवल एक शब्द का अन्तर है। ठीक उसी प्रकार से भाजपा के विधायक, सांसद, मंत्री, आदि एक दूसरे के ऊपर ठीकरा फोड़ रहे हैं। जनता को सही मुद्दों से गुमराह कर ध्यान को भटकने काम कर रहे हैं। जिससे भाजपा के तरफ जनता का ध्यान भटका कर रखे हुए हैं। और भीतर से मलाई काट रहे हैं।यह शब्द नहीं बल्कि हकीकत है। जनता को 60 हजार मोटर साइकिल एक लाख, जिसमें 40 हजार टैक्स के नाम पर लिया जा रहा है। सुविधा के नाम पर गड्ढा युक्त सड़क दिया जा रहा है। डीजल 56 रुपये को 86 रुपये लगभग टैक्स के नाम पर लोगों से लिया जा रहा है रोड़ टैक्स, जीएसटी जैसे अनेकों प्रकार के टैक्स लेकर जनता को सुविधा नहीं उपलब्ध कराई जा रही है। आखिर क्यूं?
जनता को सुविधा के नाम पर केवल एक खिलौना देकर सबकुछ छीनने के लिए तैयार है। सच्चाई को समझना जरूरी है।न की दो लोग आपस में लड़ रहे हो तो तमाशा मत देखना, बल्कि उनके पीछे का खेल समझना जरूरी है,जो भ्रष्टाचार भस्मासुर के बनकर बैठे हुए हैं उन्हें पहचान करना जरूरी है।
जिस तरह से दोस्तपुर शाही पुल से शाह पुर जंगल तक दूरी लगभग 22 किलो मीटर तक सड़क मार्ग का जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी विभाग थे। और उनके दफ्तर से चौड़ी विकास विभाग का पैसा भाजपा मंत्री जी ने निकाल कर खा लिया। जो भ्रष्टाचार हुआ हुआ उसकी जांच कभी नहीं होगी इसलिए दूसरी पार्टी के नेताओं पर ठीकरा फोड़ते रहते हैं। जिससे भाजपा के विधायक, सांसद, मंत्री आदि से सवाल न उठाए।

