कबाड़ कांड पर 6 महीने बाद भी सन्नाटा,CCTV और गार्ड के बावजूद चोरी
1 min readकबाड़ कांड पर 6 महीने बाद भी सन्नाटा,
CCTV और गार्ड के बावजूद चोरी—
अधिशाषी अधिकारी की भूमिका पर बड़े सवाल
सुलतानपुर

नगर पालिका परिषद
लगभग छः माह से हुए गायब कबाड़ चोरी के मामले को लेकर चर्चा में है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले को सामने आए लगभग छह महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही जिम्मेदारों की पहचान हो सकी।
सबसे बड़ा सवाल अधिशाषी अधिकारी लाल चंद्र सरोज की भूमिका को लेकर उठ रहा है। जब पालिका परिसर से लाखों रुपये के कबाड़ की कथित हेराफेरी की बात सामने आई, तो आखिर जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हुई?
सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल:
पालिका परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, रात में गार्ड तैनात रहते हैं, और खुद अधिशाषी अधिकारी का आवास भी परिसर में ही मौजूद है—इसके बावजूद अगर ऐसी घटना होती है, तो यह सीधे-सीधे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
क्या कैमरे बंद थे?
क्या फुटेज गायब कर दी गई?
गार्ड उस समय कहां थे?
इन सवालों का जवाब अब तक नहीं मिल पाया है।
वायरल ऑडियो से बढ़ा संदेह
सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो क्लिप (जिसकी पुष्टि स्वयं मैं नहीं करता) में पालिका के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। इससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
जांच टीम भी सवालों के घेरे में
मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था, लेकिन अब यह सवाल उठ रहा है कि—
क्या यह टीम सच्चाई सामने लाने के लिए बनाई गई थी या सिर्फ मामले को दबाने के लिए?
अधिशाषी अधिकारी की जिम्मेदारी क्या
नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी की जिम्मेदारी सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं होती, बल्कि—
पालिका संपत्तियों की सुरक्षा
कर्मचारियों की निगरानी
नगर के 25 वार्डों की सफाई, फॉगिंग, विद्युत व्यवस्था
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना
ऐसे में इतने बड़े मामले में छह महीने की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
बड़ा सवाल:
जब परिसर में CCTV, गार्ड और अधिकारी की मौजूदगी थी, तब भी अगर कबाड़ चोरी हो जाती है—तो आखिर जिम्मेदार कौन?
क्या अधिशाषी अधिकारी लाल चंद्र सरोज अपनी जवाबदेही तय करेंगे?
अभी तो मामला शुरू हुआ है, पूरी पिक्चर बाकी है…
पढ़ते रहिए अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद लाल चंद्र सरोज की कार्यप्रणाली।
