March 8, 2026

Awadh Speed News

Just another wordpress site

मानदेय और ईपीएफ भुगतान न होने पर कार्य बहिष्कार की दी चेतावनी

1 min read
Spread the love

मनरेगा कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: मानदेय और ईपीएफ भुगतान न होने पर कार्य बहिष्कार की दी चेतावनी

मानदेय और ईपीएफ के लिए तरस रहे मनरेगा कर्मचारी, कार्य बहिष्कार की चेतावनी

मिल्कीपुर अयोध्या
जिले के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अमानीगंज विकासखंड में मनरेगा कर्मियों ने लंबे समय से लंबित मानदेय और ईपीएफ (EPF) का भुगतान न होने के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। मनरेगा कर्मचारी सहित ब्लॉक अध्यक्ष पंकज मिश्रा ने ब्लॉक मुख्यालय अमानीगंज में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है और अपनी मांगों के पूरा न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।मनरेगा कर्मियों का कहना है कि वे पूरी निष्ठा से विभाग के लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान दे रहे हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि पिछली दीपावली से उन्हें वेतन नहीं मिला है और वर्तमान में भी वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
कर्मचारियों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा मानदेय न मिलने के कारण वे पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी करने में असमर्थ हैं।
आर्थिक तंगी के कारण कई कर्मचारी मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हो रहे हैं।उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत प्राप्त ‘जीवन के अधिकार’ का उल्लंघन बताया है। ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि सरकार एक तरफ उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित करने के लिए प्रशंसा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जो कर्मचारी इस लक्ष्य को पूरा कर रहे हैं, उन्हें ही बुनियादी भुगतान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
अपनी मांगों को लेकर मनरेगा कर्मचारियों ने 07 मार्च 2026 को ज्ञापन सौंपने के बाद आगे की रणनीति तय की है:
रणनीति में 06 मार्च से: काली पट्टी बांधकर कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है। 09 मार्च 2026: उप मुख्यमंत्री से मिलकर स्थिति से अवगत कराने हेतु ‘जनता दर्शन’ में उपस्थिति होने का निर्णय लिया और 10 से 15 मार्च 2026: स्थानीय जन प्रतिनिधियों (विधायक, सांसद आदि) को मामले से अवगत कराना। तथा 16 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री के ‘जनता दर्शन’ में अपनी बात रखना। मनरेगा कर्मियों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे और भी सख्त कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। रमेश कुमार तिवारी, उमेश चंद्र मौर्य,राघवेंद्र उपाध्याय,पंकज कुमार,विश्वनाथ यादव,रावेश कुमार सिंह,समर बहादुर सिंह,सूर्य नाथ,राजनाथ,दिलदार अली,राम रीत, सुनील कुमार,अनीता,विनय कुमार,शिवजीत,गौरव उपाध्याय,संदीप पांडेय,देवी दीन,आशुतोष तिवारी,राम सूरत, मीरा देवी, संतराम,ज्ञानचंद,राम प्रसाद,सारिका ज्ञापन में मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *