डॉ. आकिब जावेद को ‘विद्या वाचस्पति’ मानद उपाधि से किया सम्मानित
1 min readबिसंडा (बांदा)
देश के प्रसिद्ध साहित्यकार,कवि एवं शिक्षक डॉ. आकिब जावेद को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक योगदान के लिए ‘विद्या वाचस्पति’ (मानद पीएच.डी.) उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 01 जुलाई 2025 को साहित्यिक सांस्कृतिक कला संगम अकादमी, परियांव, प्रतापगढ़ (उ.प्र.) द्वारा प्रदान किया गया।
आकिब जावेद, पुत्र मो. लतीफ़, वर्तमान में बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बीसीए, एम.ए. (इतिहास), एम.ए. (शिक्षा शास्त्र), बीटीसी के साथ यूपी-टीईटी एवं सी-टीईटी जैसी शैक्षिक योग्यताएं प्राप्त की हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ वे साहित्य सृजन में भी निरंतर योगदान दे रहे हैं।
वे ‘आवाज़ सुखन-ए-अदब’ के संस्थापक हैं तथा ब्लॉगर, कवि, लेखक और ग़ज़लकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। उनका एकल ग़ज़ल संग्रह ‘ख़्वाबों के दरम्यां’ तथा काव्य संग्रह ‘कोरे अक्षर’ और ‘नज़र’ पाठकों द्वारा सराहे गए हैं। बाल साहित्य में भी उनका विशेष योगदान है, जिनमें ‘हाथी को भी चित कर देती’ बाल काव्य संग्रह प्रमुख है। नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) से उनकी एक बाल कहानी शीघ्र प्रकाशित होने वाली है।
इसके अतिरिक्त उनकी रचनाएं ‘महफ़िल-ए-ग़ज़ल’, ‘काव्यांश’, ‘बज़्म-ए-हिंद’, ‘सहोदरी ग़ज़ल’, ‘सहोदरी सोपान’, ‘कहां तुम चले गए’, ‘मां साहित्यपीडिया’, ‘हाशिए पर धूप’ सहित अनेक साझा काव्य एवं ग़ज़ल संग्रहों में प्रकाशित हो चुकी हैं।
उनकी कविताएं और ग़ज़लें भारत की प्रतिष्ठित साहित्यिक वेबसाइटों जैसे रेख़्ता, कविशाला, कविता कोश, ज़ख़ीरा, Poetistic, प्रतिलिपि, स्टोरी मिरर तथा पाकिस्तान की वेबसाइट उर्दू प्वाइंट पर भी प्रकाशित हैं।
देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में उनका लेखन निरंतर प्रकाशित हो रहा है।
डॉ. आकिब जावेद की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, साहित्य प्रेमियों एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

