February 11, 2026

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वरिष्ठ अधिवक्ता डॉक्टर मुरलीधर सिंह के द्वारा पत्रकारों के हित में उठाईं आवाज

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सभी पात्र श्रमजीवी एवं मान्यता प्राप्त पत्रकारों को पेंशन दिया जाए
सूचना विभाग के पूर्व उपनिदेशक एवं प्रभारी मीडिया सेंटर ने
सूचना निदेशक से आज मुलाकात की
डॉक्टर मुरलीधर सिंह
अधिवक्ता मा उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ
लखनऊ
लखनऊ लोक भवन मीडिया सेंटर
आज डॉक्टर मुरलीधर सिंह पूर्व उपनिदेशक सूचना एवं प्रभारी विधानसभा एवं मुख्यमंत्री मीडिया सेंटर लोक भवन लखनऊ ने आज उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय सूचना निदेशक श्री विशाल सिंह से लोक भवन में उनके कक्ष में मुलाकात की तथा अयोध्या पर अपने द्वारा लिखित पुस्तक
(मॉडर्न पूजा पद्धति) भेंट किया उल्लेखनीय है कि श्री विशाल सिंह अयोध्या में भी नगर आयुक्त एवं उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण रहे हैं उसे समय मुरलीधर सिंह अयोध्या के उपनिदेशक के साथ-साथ लोक भवन के मीडिया सेंटर के प्रभारी थे या मुलाकात शिष्टाचार के लिए थी तथा पूर्व उपनिदेशक द्वारा अपने लगभग 35 साल की सेवा में पत्रकारों की समस्याओं की पूरी जानकारी तथा श्री सिंह भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी काम किया है लखनऊ में लगभग 20 साल और 15 साल तक जनपदों में काम किया है
मुलाकात का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के लिए जो पत्रकार 58 साल पूरा कर चुके हैं तथा श्रमजीवी पत्रकार हैं तथा सूचना विभाग द्वारा लगभग 20 साल से मान्यता प्राप्त है उनको अनिवार्य रूप से उत्तराखंड सरकार बिहार सरकार महाराष्ट्र सरकार गुजरात सरकार की तरह एक पेंशन दिया जाए पेंशन का
आधार वार्षिक आय 5 लाख रखा जाए तथा जिसका नियमित रूप से जो इनकम टैक्स में नहीं आता है तथा पत्रकारिता के अलावा कोई व्यवसाय नहीं किया है कुछ पत्रकार प्रचार एजेंसी चलाते हैं कुछ पत्रकार इलेक्ट्रॉनिक चैनल चलते हैं तथा कुछ पत्रकार अन्य व्यवसाय में संलग्न
वैसे पत्रकारों को पेंशन योजना से बाहर किया जाए तथा
लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा एवं आवास विकास द्वारा तथा राज्य संपति विभाग द्वारा जिन पत्रकारों को आवास आवंटित है तथा प्राधिकरण के द्वारा उनको सस्ते दर पर भूखंड आवंटित किया गया है
वैसे पत्रकारों को इस पेंशन योजना से बाहर रखा जाए ऐसे में जहां तक मुझे जानकारी है लगभग प्रदेश मुख्यालय पर लगभग 2000 ऐसे पत्रकार है तथा पूरे 75 जनपद का देखा जाए तो लगभग 3000 और बढ़ जाएंगे इस प्रकार हमारे प्रदेश पर केवल पेंशन पत्र पत्रकारों की अधिकतम संख्या 5000 से ज्यादा नहीं होगी
ऐसे में सरकार का वार्षिक ब बजट लगभग 5 करोड़ से पत्रकारों को निश्चित समय तक पेंशन दिया जा सकता है
जब हम वृद्धावस्था पेंशन देते हैं जब हम विधवा पेंशन देते हैं तथा कलाकारों को आर्थिक लाभ देते हैं तो पत्रकारों को क्यों नहीं दे सकते श्री सिंह ने निदेशक से अनुरोध किया तथा उन्होंने भी कहा की विस्तृत पत्र माननीय मुख्यमंत्री जी को भी शीघ्र लिखूंगा
जिसमे नियमों का हवाला होगा क्योंकि हमारे पास उच्च न्यायालय में अधिवक्ता होने के कारण अनेक मुकदमे आए हैं
जिसमें पत्रकारों की आर्थिक स्थिति का पता चलता है
इसलिए सरकार को इस मामले में संवेदनशील होना चाहिए
जय हिंद जय भारत जय लोकतंत्र जय भारतीय संविधान

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