श्रीमद् भागवत कथा में गोवर्धन पर्वत की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
1 min readराधा बिहारी मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन छप्पन भोग का लगा भव्य आयोजन
धौलपुर।

पैलेस रोड स्थित प्राचीन राधा बिहारी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन आज भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा प्रवक्ता आचार्य योगेश कृष्ण जी महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग का सजीव वर्णन किया।
कलयुग में गोवर्धन पर्वत की महिमा कथा के दौरान आचार्य जी ने बताया कि कलयुग में गोवर्धन पर्वत साक्षात देव स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि जब इंद्र के अहंकार को चूर करने के लिए भगवान कृष्ण ने सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर धारण किया था, तब से ही यह पर्वत भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। आज के युग में गिरिराज जी की परिक्रमा और दर्शन मात्र से मनुष्य के समस्त मानसिक और शारीरिक ताप दूर हो जाते हैं। छप्पन भोग का महत्व और उल्लास महाराज जी ने छप्पन भोग के आध्यात्मिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह केवल पकवानों का समूह नहीं, बल्कि भक्त का भगवान के प्रति समर्पण है। भगवान कृष्ण ने जब सात दिन तक अन्न-जल का त्याग कर ब्रजवासियों की रक्षा की थी, तब उनके प्रेम के वशीभूत होकर ब्रजवासियों ने उन्हें 56 प्रकार के व्यंजन अर्पित किए थे।
कथा के दौरान गिरिराज धरण की मनमोहक झांकी सजाई गई, जिसे देखकर पांडाल ‘गिरिराज धरण की जय’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। संगीत की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए। कथा के अंत में छप्पन भोग का प्रसाद सभी श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।
मंदिर धौलपुर भक्त मंडल समिति के संगीता गुप्ता, व विजय शर्मा ने बताया कि कथा का समापन आगामी दिनों में भव्य पूर्णाहुति के साथ होगा। कथा के इस अवसर समाजसेवी रवि शिवहरे, एवं उनकी धर्मपत्नी सुनीता शिवहरे ने श्री मद भागवत कथा पीठ व कथा व्यास जी का स्वागत सत्कार किया इस अवसर पर भोला गुप्ता, सुनील जगरिया, उपेंद्र दीक्षित ,राजेंद्र राणा, रामकिशोर पाठक, शिवानी, किशन यादव व शहर के गणमान्य नागरिकों सहित भारी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो राजस्थान
