एडीजे प्रथम की कोर्ट ने आरोपियों का बयान दर्ज करने के लिए किया तलब, घनश्याम तिवारी हत्याकांड में आरोपियों की अर्जी खारिज
1 min readघनश्याम तिवारी हत्याकांड में आरोपियों की अर्जी खारिज
आरोपियो ने लखनऊ के चिकित्सक व थाने का रिकार्ड तलब करने के लिए दी थी अर्जी
सुल्तानपुर।

चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड में मंगलवार को एडीजे प्रथम संतोष कुमार की अदालत ने आरोपियो का बयान दर्ज करने के लिए उन्हें तलब किया था,लेकिन दोनों पक्षो की तरफ से अर्जी पड़ने की वजह से बयान की कार्यवाही बाधित रही। मामले में वादिनी निशा तिवारी ने 12 गवाहों को उन्मोचित करने की अर्जी दी थी ,जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।
कोतवाली नगर के नारायनपुर निवासी आरोपी अजय नारायन सिंह की तरफ से मामले के विवेचक राम आशीष उपाध्याय की 24 व 25 सितम्बर 2023 की थाने से रवानगी व आमद होने सम्बन्धी रिकार्ड तलब करने की अर्जी दी गई थी। जिस पर शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने आपत्ति जताई और आरोपी की अर्जी को मात्र ट्रायल बाधित करने का जरिया बताया। अदालत ने आरोपी अजय नारायन सिंह की अर्जी को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। इसी मामले के दूसरे आरोपी दीपक सिंह की तरफ से भी कोर्ट में अर्जी दी गई। जिनके मुताबिक साक्षी चिकित्सक डॉ डीसी यादव के बयान में पैनल के डॉक्टरों की राय के अनुसार मृतक घनश्याम तिवारी की मृत्यु का कारण अस्पष्ट होना बताया गया है,जबकि स्टेट मेडिको लीगल सेल के चिकित्सक डॉ जी खान के जरिये इसके विपरीत जाकर मृत्यु का कारण,मृत्यु पूर्व आई चोटों के शाक के कारण होने की राय दी गई है। इसी बात को आधार बनाते हुए आरोपी दीपक सिंह ने डॉ जी खान को गवाही के लिए तलब करने सम्बन्धी अर्जी दी थी,जिस पर अभियोजन पक्ष ने पूर्व में ही डॉ जी खान को उन्मोचित किए जाने एवं उस दौरान आरोपी पक्ष के जरिये किसी प्रकार की आपत्ति न जताने का तर्क रखते हुए खारिज करने की मांग किया। अदालत ने आरोपी दीपक की भी अर्जी को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया और इसे मात्र ट्रायल विलम्बित करने का आधार माना। अदालत ने आरोपियो का बयान दर्ज करने के लिए छह अक्टूबर की तारीख तय किया है। कोतवाली नगर के शास्त्री नगर मोहल्ला निवासी निशा तिवारी ने 23 सितंबर 2023 की घटना बताते हुए अपने पति घनश्याम तिवारी की हत्या के आरोप में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें नारायनपुर गांव निवासी जगदीश नारायण सिंह, अजय नारायन सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने आरोप-पत्र दाखिल किया था। मामले के आरोपी जगदीश नारायण सिंह की दौरान मुकदमा मृत्यु हो चुकी है,शेष दो आरोपियो के खिलाफ मामले का विचारण एडीजे प्रथम की अदालत में चल रहा है।
