जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स के सदस्यों द्वारा जिला कारागृह का निरीक्षण किया
1 min readसर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अनुपालन में जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स के सदस्यों द्वारा जिला कारागृह का निरीक्षण किया
धौलपुर, राजस्थान।
सर्वोच्च न्यायालय के रिट पिटीशन उनवान सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में पारित आदेश की पालना, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसरण में जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स के सदस्य जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरुण कुमार अग्रवाल, जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी टी, जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव द्वारा गुरुवार को जिला कारागृह का निरीक्षण किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने जेल में स्थापित प्रिजिन लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया तथा इस संबंध में जारी एसओपी की पालना सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा जेल में प्रत्येक बैरिक एवं रसोई घर में जाकर बंदियों से जातिगत भेदभाव के संबंध में पूछताछ करने पर किसी भी बंदी द्वारा जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना बताया। टीम द्वारा जेल में रसोईघर में पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता को जांचा। खाना बनाने वाले बंदियों से पूछताछ करने पर विभिन्न जाति व समुदाय के बंदियों द्वारा संयुक्त रूप से मिलजुल कर खाना बनाया जाना व्यक्त किया तथा शौचालयों की साफ सफाई के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये।
साथ ही गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स टीम द्वारा सभी बंदियों से जिनकी जमानत हो चुकी है, वह सभी बंदी अपनी-अपनी जमानत के निर्देश दिए एवं कुछ बंदियों ने बताया कि जमानत के लिए उनके घर वालों से बातचीत नहीं होती है इस संबंध में जेल अधीक्षक ने बताया कि घर पर बात करने के लिए जेल के नियमानुसार केवल शुरू में बंदी के प्रवेश करने पर 5 मिनट मिलते है उसके बाद घर वालों को रिचार्ज कराने पर ही बातचीत करवाई जाती है। उसके बाद सभी बंदियों से उनके स्वास्थ्य, नाश्ता एवं खाने के बारे में भी जानकारी प्राप्त की और गुरुवार के खाने के बारे में भी पूछा एवं बंदियों से फॉर्मेट के बारे में भी जानकारी प्राप्त करने पर फॉर्मेट उपलब्ध नहीं पाए गए इस संबंध में सभी बंदियों को फार्मेट भरकर प्रस्तुत करने के लिए जेल अधीक्षक को निर्देश दिए। उसके बाद महिलाओं के बैरकों का भी निरीक्षण किया एवं महिलाओं से भी उनके पेशी, तारीख, फार्मेट के बारे में जानकारी प्राप्त की एवं उनके बच्चों के लिए दूध, दलिया, नाश्ता, खाना, मेडिकल इत्यादि की भी जानकारी प्राप्त की, निरीक्षण के दौरान रसोई-घर में खाने की गुणवत्ता का अवलोकन करने पर सब्जियों में मिर्च ज्यादा पाई जाने पर जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि सब्जियों में मिर्च कम रखें, मिर्च तेज होने से बंदियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता हैं साथ ही बंदियों से टॉयलेट की सफाई के बारे में भी जानकारी ली एवं जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि खाने के लिए इंदिरा रसोई के द्वारा इनको कोर्स भी उपलब्ध करवाया जाए। साथ ही बैरकों के गेट खोलने-बंद करने की भी जानकारी प्राप्त की एवं एनजीओं के जरिये बैरकों के अंदर साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए। प्रत्येक बंदी अपने-अपने कपड़ों की प्रतिदिन धुलाई करते हैं इस संबंध में भी बंदियों के प्रति जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी धर्मसिंह मीणा, जिला साक्षरता अधिकारी वीरी सिंह, सहायक अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग अरविंद मीणा, सहायक निदेशक कृषि विभाग सरदारमल यादव, जिला उद्योग अधिकारी मितुल गोयल, प्रतिनिधि जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी देवेंद्र सिंह, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित कम्ठान, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल पप्पू सिंह गुर्जर, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल मीता अग्रवाल, आराधना शर्मा, दीपक सिकरवार, एवं जेल अधीक्षक सुमन मीणा सहित कारागृह का स्टाफ एवं बंदीजन मौजूद रहे।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो राजस्थान

