पीड़ित का प्रशासन पर बड़ा आरोप, पुलिस टीम ने मुठभेड़ में फ़र्ज़ी नामजदगी का मामला पहुँचा हाईकोर्ट,गिरफ्तारी पर रोक
1 min readसुलतानपुर।
हलियापुर थाने में दर्ज पुलिस मुठभेड़ के प्रकरण में फ़र्ज़ी नामजदगी का मामला लखनऊ हाईकोर्ट पहुँच गया है। अदालत ने एक आरोपी की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही एसओ को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है।जानकारी के मुताबिक,याचिकाकर्ता पर पुलिस ने जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए हैं।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एचडी सिंह ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को सह-आरोपी रामबहादुर निषाद के बयान के आधार पर झूठा फँसाया गया है। घटना स्थल उसके घर से करीब 12 किलोमीटर दूर है और घटना के समय रात 9:54 बजे वह अपने घर पर मौजूद था। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से होती है,जिसे अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया,लेकिन गिरफ्तारी को लेकर कोई विशेष निर्देश न होने की बात कही।न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने मामले को विचार योग्य पाया और याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अगली सुनवाई 6 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।यह मामला 19 अगस्त की रात आमघाट पुराने पुल के पास हुई घटना से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार,गैंगस्टर राम बहादुर निषाद ने पकड़े जाने पर टीम पर फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किया। वहीं,उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
रिपोर्टर -अखिलेश सिंह

