महुआ ब्लॉक संसाधन केन्द्र में एफ.एल.एन. प्रशिक्षण के दूसरे बैच का चौथा दिवस – खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार पटेरिया जी ने दिया प्रेरणादायी संदेश–#
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महुआ ब्लॉक संसाधन केन्द्र में एफ.एल.एन. प्रशिक्षण के दूसरे बैच का चौथा दिवस – खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार पटेरिया जी ने दिया प्रेरणादायी संदेश
महुआ -12 सितंबर
खंड शिक्षा अधिकारी महुआ विनोद कुमार पटेरिया जी के मार्गदर्शन में संचालित एफ.एल.एन. प्रशिक्षण के दूसरे बैच का चौथा दिवस उत्साह और प्रेरणा से भरा रहा। गणित संदर्शिका के अंतर्गत आयोजित इस सत्र में प्रशिक्षणार्थियों को विषयगत जानकारी के साथ-साथ जीवनोपयोगी संदेश भी दिए गए।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार पटेरिया जी स्वयं कक्षा-कक्ष में पहुंचे और प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि –
ईमानदारी के साथ अपना कार्य करें।
रामायण में भगवान श्रीराम ने वनवास काल में भी अपने वचन और धर्म का पालन कर आदर्श प्रस्तुत किया। उसी तरह शिक्षक को भी अपने कर्तव्य का पालन निष्ठा से करना चाहिए।
प्रशिक्षण से जो सीखा है, उसे बच्चों के बीच लागू करें।
जैसे हनुमान जी ने समुद्र लांघने का साहस केवल श्रीराम के आदेश और शिक्षा से पाया, उसी तरह प्राप्त प्रशिक्षण का प्रयोग बच्चों के जीवन निर्माण में करना चाहिए।
तनाव मुक्त होकर कार्य करें।
रामायण में भरत जी ने राजमहल में न रहकर नंदिग्राम में तपस्वी जीवन अपनाया और तनाव रहित होकर प्रजा की सेवा की। शिक्षक को भी मानसिक शांति रखकर शिक्षा देनी चाहिए।
प्रतिदिन परिवार को समय दें।
भगवान श्रीराम ने वनवास काल में भी माता सीता और भ्राता लक्ष्मण को साथ लेकर परिवार के दायित्व का निर्वहन किया। शिक्षक को भी परिवार के साथ संतुलन बनाना चाहिए।
ईश्वर पर भरोसा रखें।
रामायण में विभीषण ने जब श्रीराम का आश्रय लिया तो उन्होंने न केवल विश्वास जताया बल्कि विजय का मार्ग भी प्रशस्त किया। आस्था और भरोसा सफलता की कुंजी है।
रोज़ योगा करें और स्वस्थ जीवन शैली अपनाएँ।
वनवास में प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण ने साधना, ध्यान और संयम से कठिन परिस्थितियों को सहज बनाया। शिक्षक भी नियमित योग और साधना से स्वस्थ रह सकते हैं।
प्रशिक्षण का संचालन संदर्भदाताओं रामप्रकाश यादव, जयप्रकाश शुक्ला, शिवम गुप्ता, गुलाब द्विवेदी और रूपनारायण गुप्ता ने किया। सभी ने स्लेबस के अनुरूप शिक्षण सामग्री प्रस्तुत कर प्रशिक्षार्थियों को व्यवहारिक जानकारी दी।
इस दौरान प्रशिक्षार्थी जयराम गुप्त, जया तिवारी, नितिन कुमार, आशा देवी, सर्वेश कुमार तिवारी, भारतेंदु, संतोष कुमार, प्रियंका, शशांक शेखर मिश्रा, पूजा चौधरी, पूजा देवी, फरहा खान, प्रीति द्विवेदी, लीला माहुले, रूचिका, स्वप्ना त्रिपाठी, बाबूलाल, प्रीति कुशवाहा, अर्चना, शिवानी, शिल्पी, गीतांजलि, संतोष, विनोद कुमार, दीपिका दीक्षित, राजू, बाबू सिंह, अर्चना, रीना, ऊषा तिवारी, अरजुमन्द बानो, राघबेन्दु, बृजलली, सुलक्षणा, रंजना, पूनम, रवि मिश्रा, मनीष कुमार, शारदा पाण्डेय,दादूराम. महिपाल सिंह. आराधना पाण्डेय, जयनारायण द्विवेदी, संध्या मिश्रा, दादूराम, शशि पाण्डेय, जयंती सिंह, विनोद कुमार, राममिलन द्विवेदी (जिला महामंत्री, आदर्श शिक्षा मित्र संघ, बाँदा), आक्सीजन बाबा पर्यावरण संत रामकृष्ण अवस्थी, शिक्षा मित्र व निष्ठा सिंह सक्रिय रूप से सहभागी रहे।
प्रशिक्षण के सुचारु संचालन में सुनील कुमार, सहायक लेखाकार दानिश, दिनेश,वंदना हर्षित, मुजम्मिल, हिमांशु निगम, शिवम श्रीवास्तव, चन्द्र शेखर तिवारी सहित ब्लॉक संसाधन केन्द्र का समस्त स्टाफ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता रहा।
रंजीत वर्मा प्रथम फाउंडेशन से आकर प्रशिणार्थियों को प्रेरक सूत्रों की जानकारी दी।
👉 चौथे दिवस का यह सत्र न केवल शिक्षण की दिशा में उपयोगी सिद्ध हुआ बल्कि रामायण के आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा भी प्रदान की।
उमंग सिंह ब्यूरो चीफ बाँदा
