हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बनी सरदार छड़ी और नेज़ा यात्रा पार्षद मंसूर बदर की अगुवाई में आश्रय स्थल से हुआ भव्य प्रस्थान, सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत झलक
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सहारनपुर
मेला गुघाल के अवसर पर सरदार छड़ी और नेज़ा की भव्य यात्रा रविवार को गणपत सराय नीमतला आश्रय स्थल से पारंपरिक अंदाज़ में रवाना हुई। यह यात्रा हिंदू-मुस्लिम एकता और सांझी विरासत का अनुपम उदाहरण बनी। इस धार्मिक प्रतीक यात्रा में पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मंसूर बदर ने अपनी टीम के साथ श्रद्धालुओं का ज़ोरदार स्वागत किया-पार्षद मंसूर बदर पिछले कई दिनों से छड़ी मार्ग की सफाई, सड़क मरम्मत और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर करने में लगे थे। उन्होंने बताया कि यह छड़ी यात्रा पुरानी मंडी पुल, कंबोह पुल, बंजारों की बस्ती, अनाज मंडी, दर्पण तिराहा, भैरव मंदिर होते हुए महाड़ी तक जाएगी। श्रद्धालु परंपरागत रूप से नंगे पांव यात्रा में भाग लेते हैं, इसलिए विशेष सफाई और चूने से मार्ग को चकाचक बनाया गया – पार्षद बदर ने कहा, “यह छड़ी और नेज़ा हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनकी रक्षा हर धर्म के लोग मिलकर करते हैं- उन्होंने मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह, नगर आयुक्त शिपू गिरी, चीफ इंजीनियर बीके सिंह और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परवीन शाह को विशेष धन्यवाद दिया-विनोद प्रकाश और त्रिशला देवी, जो छड़ी के परंपरागत संरक्षक परिवार से हैं, ने बताया कि यह छड़ी राजस्थान के बागड़ क्षेत्र तक जाती है और रक्षा बंधन के अगले दिन लौटती है-इस अवसर पर गौरव प्रकाश, विशाल बग्वाल, पारस, अनिल प्रकाश, भूप सिंह सैनी, ब्रजपाल, रूपचंद, शाह हारून जुबैरी, नय्यर जुबैरी, सोनू जैदी, यंग तिरंगा क्लब अध्यक्ष उस्मान मलिक, अविनाश शर्मा, जावेद मलिक, पवन शर्मा, इमरान मंत्री, बिलाल अंसारी, सुहेल, तंजीम बक्शी और फरीद अब्बास प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

