“द केयर रिवोल्यूशन” के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न, 30 गांवों में पुरुषों की भागीदारी से लैंगिक समानता की पहल
1 min readबांदा

नरैनी ब्लॉक के 30 गांवों में लैंगिक समानता, महिला हिंसा की रोकथाम और देखभाल के कार्यों में पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “द केयर रिवोल्यूशन” परियोजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई।
6-7 जुलाई को मानवीय शिक्षण संस्थान, बड़ोखर खुर्द में किशोर और पिता समूहों के लीडरों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें 27 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
मार्गदर्शक महेन्द्र कुमार ने बताया कि अगर समाज को हिंसा मुक्त और न्यायसंगत बनाना है, तो पुरुषों की भूमिका को संवेदनशीलता और सहभागिता के नजरिए से पुनर्परिभाषित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन गांवों में गठित किशोर और पिता समूहों के माध्यम से घर, समुदाय और रिश्तों में सहानुभूति व समानता के मूल्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रशिक्षिका उमा कुशवाहा (ग्रीन एण्ड हैपी इंडिया ट्रस्ट) ने बताया कि “पितृसत्ता केवल महिलाओं को नहीं, पुरुषों को भी जकड़ती है। जब पुरुष खुद बराबरी के लाभ को समझेंगे, तभी असल बदलाव संभव होगा।”
उन्होंने पितृसत्ता की संरचना, उससे जुड़ी हिंसा और पुरुषों की भूमिका में बदलाव के रास्तों पर गहराई से संवाद किया।
प्रतिभागियों ने माना कि हिंसा सभी को प्रभावित करती है, और वे अपने समुदायों में हर प्रकार की हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
