खड़ंजा विवाद पर डीएम नेहा शर्मा की सख्त कार्रवाई, ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
1 min readग्राम पंचायत पहाड़ापुर में खड़ंजा विवाद पर डीएम नेहा शर्मा की सख्त कार्रवाई, ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
शिकायत कर्ता के मुताबिक ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव की मिलीभगत व साजिश के तहत उसे झूंठे आरोपों में फंसाने का किया गया था प्रयास
जन शिकायतों पर डीएम का एक्शन मोड़- दोषियों पर गिरेगी गाज
गोंडा। जिले के थाना कटरा बाजार और विकास खंड हलधरमऊ के अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ापुर में सार्वजनिक खड़ंजा उखाड़े जाने से उत्पन्न विवाद में जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी विवेकानंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई ग्राम निवासी शारदा प्रसाद शुक्ल की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर मिलीभगत कर झूठे आरोपों में फंसाने का आरोप लगाया था। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर जिला विकास अधिकारी सुशील श्रीवास्तव ने डीएम के निर्देश पर निलंबन की कार्रवाई की और अधिकारी को विकास खंड झंझरी से संबद्ध किया गया।
चौपाल में उठा था मामला
14 जून 2025 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम पंचायत पहाड़ापुर की चौपाल में शारदा प्रसाद शुक्ल ने शिकायत दर्ज की थी कि कुछ व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक खड़ंजे को मनमाने ढंग से उखाड़ा गया। डीएम के निर्देश पर ग्राम विकास अधिकारी ने थाना कटरा बाजार में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इस प्राथमिकी के बाद ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की साजिश के तहत उन्हें झूठे आरोपों में फंसाने का प्रयास किया गया। थाना प्रभारी की आख्या में स्पष्ट हुआ कि शारदा प्रसाद पर लगाए गए इंटरलॉकिंग कार्य को क्षति पहुंचाने के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत थे।
भ्रामक सूचना देने का भी आरोप
जिला विकास अधिकारी सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि विभागीय जांच में पाया गया कि ग्राम विकास अधिकारी ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रामक सूचना देकर गुमराह करने की कोशिश की। डीएम नेहा शर्मा ने इसे “सर्वथा खेदजनक और अस्वीकार्य” करार देते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इस सख्त रुख से प्रशासन ने पारदर्शिता और जवाबदेही का उदाहरण पेश किया है।
प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों में मची खलबली, हो सकती है कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी की इस त्वरित कार्रवाई से मामले में शामिल अन्य आरोपियों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ अन्य संलिप्त व्यक्तियों पर भी प्रशासन की नजर है। जल्द ही इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह घटना जिला प्रशासन की जन शिकायतों के प्रति गंभीरता और तत्परता को दर्शाती है। डीएम नेहा शर्मा का यह कदम न केवल ग्राम पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और साजिश को उजागर करता है, बल्कि आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास भी जगाता है। शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमे से राहत मिलने से ग्रामीणों में संतोष का माहौल है।

