रामनगरी में अवैध पार्किंग माफिया का खेल श्रद्धालुओं की आस्था को आहत, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
1 min readअयोध्या
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जनपद के रामनगरी में अवैध पार्किंग माफिया का खेल: श्रद्धालुओं की आस्था को आहत, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
रामराज्य के आदर्शों की नगरी अयोध्या में इन दिनों अवैध पार्किंग माफिया सक्रिय है, जो महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजन के दौरान अयोध्या लौट रहे श्रद्धालुओं से पार्किंग के नाम पर भारी वसूली कर रहा है। इस अवैध वसूली के कारण श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँच रही है, और प्रशासन की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यह अवैध पार्किंग सिर्फ आर्थिक शोषण का मामला नहीं है, बल्कि एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा बन चुका है, जिसमें प्रभावशाली लोगों का गठजोड़ साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। अवैध पार्किंग संचालकों द्वारा वसूले जा रहे शुल्कों से लाखों रुपये की अवैध कमाई हो रही है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि इस पूरी गतिविधि में नगर निगम और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता स्पष्ट रूप से नजर आ रही है।
पार्किंग के नाम पर हो रही इस वसूली के कारण श्रद्धालुओं को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि उनकी सुरक्षा भी दांव पर लगी है। वाहन चोरी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का खतरा भी बढ़ रहा है। प्रशासन द्वारा इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण यह स्थिति और भी जटिल होती जा रही है।
प्रशासन की निष्क्रियता और नगर निगम के अधिकारियों की चुप्पी इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। इस अवैध पार्किंग माफिया का कारोबार फल-फूल रहा है, जबकि प्रशासन कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।
अब यह सवाल उठता है कि प्रशासन तब ही जागेगा जब कोई बड़ी घटना घटित होगी? क्या नगर निगम और पुलिस प्रशासन इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाने के लिए तैयार हैं? क्या उन्हें अब भी यह समझ में नहीं आ रहा है कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को बचाने के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है?
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनके विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रशासन को शीघ्र कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि अवैध पार्किंग माफिया के इस खेल को समाप्त किया जा सके और अयोध्या की गरिमा को बचाया जा सके।