सूचना अधिकार से खुलासा ग्राम अमसिन रोजगार सेविका व ब्लाक कंप्यूटर ऑपरेटर पर दोष सिद्ध
1 min readसूचना अधिकार से खुलासा ग्राम अमसिन रोजगार सेविका व ब्लाक कंप्यूटर ऑपरेटर पर दोष सिद्ध
त्रि सदस्यीय समिति ने खण्ड विकास अधिकारी को सौंपी जांच रिपोर्ट, सभी आरोप सही पाए गए फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश
मयाबाजार , अयोध्या

2 अगस्त 2024 को जन सूचना के माध्यम से पीयूष कुमार सिंह राजन ने पांच बिंदुओं से सूचना मांगी गई थी उसे राजन सिह के व्यक्तिगत जीवन से संबंधित शामिल थी सूचना अधिकार अधिनियम के अनुसार सूचनाओं 48 घंटे में देने का प्रावधान था लेकिन ब्लॉक के बड़े बाबू और स्थापना बाबू सूचना देने में आज कल आज कल कर 46 दिन दौड़ने के बाद सिर्फ एक बिंदु की ही सूचना उपलब्ध कराई गई है चार बिंदुओं की सूचना डाकर ली गई है
वहीं ग्राम अमसिन की रोजगार सेविका श्रीमती वर्मा पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच में त्रि-सदस्यीय समिति ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में यह साबित हुआ कि रोजगार सेविका ने प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर आवास दिलाने के लिए ग्रामीणों से अवैध धन उगाही की और मनरेगा योजना के तहत कूटरचित ढंग से फर्जी जॉब कार्ड जारी कर ग्रामीणों से अवैध धनराशि वसूली। इसके अलावा, इस भ्रष्टाचार में ब्लॉक के कम्प्यूटर ऑपरेटर अजय वर्मा भी मिलीभगत भी पाई गई है । जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रोजगार सेविका और ब्लॉक कंप्यूटर ऑपरेटर प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर आवास दिलाने के लिए ग्रामीणों से 200 से 500 रुपये तक अवैध धन उगाही जांच में सिद्ध हो गया है
त्रि-सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में रोजगार सेविका श्री मती वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर अजय वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। गांव में इस खुलासे के बाद आक्रोश का माहौल है, और ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता सती प्रसाद वर्मा प्रधान अमसिन ने जिला प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह इस भ्रष्टाचार में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाए और सरकारी योजनाओं की निष्पक्षता बहाल करे।
