मोरंग खदान में पोकलैंड मशीन के नीचे दबाकर किशोर की मौत
1 min readबांदा

जनपद में खनन माफियाओं का बोलबाला खनन माफिया संजीव गुप्ता,शैलेंद्र कुमार पर FIR नहीं, संजीव गुप्ता की मौरंग खदान में किशोर की मौत.
बांदा की बरियारी मोरंग खदान मे पोकलैण्ड मशीन से कुचलकर मजदूर की हत्या का आरोप
बांदा के केन नदी की बरियारी मोरंग खदान मे शनिवार की सुबह पोकलैण्ड मशीन चालक ने खदान मे मजदूरी करने वाले किशोर मजदूर अंकित पाल (17) को मशीन से कुचल डाला। अंकित की मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के बाद खदान पट्टेदार संजू गुप्ता और खदान संचालक शैलेन्द्र, मृतक मजदूर के परिवार को मना-पथाकर और ले-देकर मामला सुलटाने मे जुटे हुये हैं।
बताते हैं कि केन नदी की बरियारी मोरंग खदान नरैनी इलाके के गिरवां थाना क्षेत्र मे आती है। इस खदान का पट्टा किसी संजू गुप्ता की फर्म के नाम पर बताया गया है। खदान की देखरेख और मोरंग निकलवाने सम्बंधी सारी जिम्मेदारी शैलेन्द्र यादव और उसके गुर्गे संभालते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक मृतक मजदूर अंकित पाल बरियारी मोरंग खदान मे काफी दिनों से मजदूरी कर रहा था। वह पिछले दो-तीन दिन से खदान वालों से होली के त्यौहार के मद्देनजर अपनी मजदूरी का हिसाब करने को बोल रहा था। लेकिन खदान वाले आज-कल, आज-कल, कहकर उसे बराबर टाल रहे थे। शनिवार की सुबह किसी बात पर मृतक अंकित और पोकलैण्ड मशीन चालक से कहा-सुनी हो गयी। अंकित जैसे ही वापस जाने को मुडा, पोकलैण्ड चालक ने पीछे से उस पर मशीन चढा दी। अंकित की ठौर मौत हो गयी। गिरवां एसओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी।


मारपीट और लूट को लेकर मुकामी पुलिस से चींखते रहे पत्रकार
पत्रकार सरकार का अंग होता है। समाज के अंदर बड़ रही कुरीतियों को रोकने के लिए वह अपने यंत्रो के जरिये सबूतों को एकत्र करके सरकार और अपने जिले के प्रसाशन को आवागत करता है। पत्रकारों के साथ भी विगत 29 फरावरी को बारियारी खदान संचाल गुर्गाे ने किया था बड़ा कांड। सभी पत्रकार मुकामी पुलिस से अपने साथ हुए बड़े हादसे के न्याय के लिए मुक़दमा दर्ज करने के लिए गुहार लगाती रही और पुलिस जांच के नाम पर टालती रही। पत्रकारों की जाँच का पता तो नाही चला जांच पुरी होने से पहले बारियारी खदान ने फिर एक नाबालिक मजेदूर की ले ली जान। जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय लोगों के सूचना पर पत्रकार बरियारी गावं पहुंचे और खेत खदान का नजारा देख रहे थे। अपने वाहन खड़े करके फोटो खींचने लगे कि वहाँ खदान संचालक के गुर्गे पहुंचकर वाहनों के पहियों को पंचर कर दिया। सीनियर चार पत्रकारों से मारपीट शुरू कर दी। पत्रकारों के सभी यंत्रो को लूट लिया। पत्रकारों के हत्या के इरादे से इन्हे घसीटने लगे। किसी तरह फोन से क्षेत्रीय पुलिस को सूचना पुलिस पहुंचकर पत्रकारों की जान बचाई और खदान पहुंच कर पुलिस ने लुटा हुआ पत्रकारों के यंत्रो को बरामद किया। सभी पत्रकारों ने घटना की सूचना एसपी को दी और मुक़दमा दर्ज कराने की मांग की 1 मार्च को जांच के लिए सिओ नरैनी को भेजा गया है। तमाम पत्रकारों का मानना है कि समय रहते मुकामी पुलिस चेत जाती तो बरियारी खदान मे हुई मौत का हादसा टल सकता था।
मजदूरों ने प्रशासन से लगाई थी गुहार
गांव वालांे को आंतकित करने के लिये बरियारी खदान माफिया जब चाहे जब राइफल और बंदूकांे से फायरिंग करने लगते है ताकि क्षेत्र में गुंडागर्दी और दहशत का माहौल बना रहे। इसी बात को लेकर 2 मार्च को जिलाधिकारी और एसपी कार्यालय बांदा में आकर यहां के मजदूरांे ने दुखडा सुनाया था। उनका कहना था कि बरियारी खदान में मजदूरी का काम करते हैं। 250 रू0 प्रति ट्रक देने का वायदा करके मजदूरी कराते रहे। जब मजदूरी देने का नम्बर आया तो 50 रूपये प्रति ट्रक देने लगे। कई महीनांे की मजदूरी हम लोगांे की बकाया है लेकिन खदान माफिया कह रहे है कि 50 रूपये प्रति ट्रक लेना हो तो ले लो, प्रशासन हमारा कुछ नहीं कर पायेगा। चिल्ल पों किया तो यहीं नदी की रेत में दफना दिया जायेगा। विरोध करने पर खदान वालों ने क्षेत्रीय पुलिस को बुलाकर हमको शांत करा दिया। अगर जिला प्रशासन इन मजदूरों की शिकायत पर ध्यान दे लेती तो शायद शनिवार को यह हादसा टल सकता था।
नरैनी में बरियारी मौरंग खदान में किशोर की मौत
हैवीवेट पोकलैंड मशीन के नीचे दबकर किशोर की मौत
आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर खदान में किया हंगामा
घटना के बाद से खदान संचालक शैलेंद्र कुमार फरार हुआ
10 लाख में समझौता करने का परिजनों पर दबाव – सूत्र
हैवीवेट पोकलैंड मशीनों से केन नदी में अवैध मौरंग खनन
महोबा में 4 की मौत के बाद अब बांदा में किशोर की मौत
मौके पर एसडीए व भारी पुलिस बल तैनात
