978.93 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल का प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन
1 min readद्वारका
सुदर्शन सेतु का उपयोग नाव द्वारा पारंपरिक मार्ग के बजाय ओखा और बेट द्वारका के बीच किया जाएगा जिसका उपयोग तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों द्वारा किया जाता है.
सुदर्शन सेतु की विशेषताएं:
वर्तमान में ओखा से बेटद्वारका तक नौका से जाना पड़ता है. ओखा को बेटद्वारका से जोड़ने वाला सुदर्शन सेतु किसी इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं है.
ओखा और बेट द्वारका को जोड़ने वाला फोरलेन सिग्नेचर ब्रिज जो 900 मीटर लंबे सेंट्रल केबल मॉड्यूल पर बनाया गया है.
ओखा और बेट द्वारका के दोनों ओर 2452 मीटर लंबी एप्रोच रोड बनाई जाएगी. पुल की कुल लंबाई 2320 मीटर है.
पुल के मुख्य स्पान की लंबाई 500 मीटर है. पुल के मुख्य हिस्से में 130 मीटर ऊंचे दो तोरण हैं. नाव से यात्रा करने में जो लगभग 30 से 40 मिनट लगते थे, अब उससे काफी कम समय लगेगा.
पैदल चलने वालों के लिए एक देखने वाली गैलरी भी उपलब्ध कराई गई है. पर्यटक उस स्थान से बेटद्वारका और समुद्र के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।

