CPI में आपसी भाईचारे की मिसाल, बांदा जिले में चर्चा तेज
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बांदा में CPI का बड़ा दिल – कामरेड अवस्थी जी ने कामरेड भाई मिश्रा जी को दिया बांदा विधानसभा का मौका,
बांदा/महोबा। उत्तर प्रदेश में जहां सियासत में कुर्सी के लिए भाई-भाई लड़ जाते हैं, वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने आपसी भाईचारे की ऐसी मिसाल पेश की है जो पूरे बुंदेलखंड में चर्चा का विषय बन गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र की सम्मानित जनता जनार्दन की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कामरेड ऑक्सीजन बाबा रामकृष्ण अवस्थी जी ने एक बड़ा त्याग करते हुए बांदा विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर अपने भाई कामरेड अरूण कुमार मिश्रा जी को सौंप दिया है।
दोनों नेताओं में हुआ आपसी ऐतिहासिक समझौता:
सूत्रों के मुताबिक कामरेड अवस्थी जी के इस त्याग के जवाब में कामरेड अरूण कुमार मिश्रा जी ने भी दिल जीतने वाला वादा किया है। मिश्रा जी ने कहा है कि CPI महोबा जिलाध्यक्ष होने के नाते महोबा से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कामरेड भाई अवस्थी जी को पूरा अवसर दूंगा और साथ ही अपनी महोबा जिला काउंसिल के माध्यम से अवस्थी जी का नाम राज्य परिषद सदस्य के लिए प्रदेश नेतृत्व को भेजूंगा।
इस आपसी समझौते की अधिकारिक पुष्टि आगामी सीपीआई जिला कमेटी की बैठक में की जाएगी।
राजनीतिक हलचल तेज:
CPI के इस कदम को जिले में आपसी भाईचारा और पार्टी सर्वोपरि की भावना के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कामरेड अरूण कुमार मिश्रा को बांदा विधानसभा से अवसर मिलने पर उनकी जीत सुनिश्चित हो सकती है, क्योंकि सवर्ण समाज के साथ-साथ किसान, मजदूर, युवा-बेरोजगार का बड़ा तबका इनके साथ जा सकता है। इससे अन्य विपक्षी दलों में हलचल मच गई है।
फिलहाल CPI कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर भारी उत्साह है।

