जिला कारागार में तैनात महिला सिपाही के आत्महत्या का मामला,न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
1 min readअयोध्या

जिले के जिला कारागार में कार्यरत रही जौनपुर जिले की निवासिनी महिला जेल वार्डर शांती यादव द्वारा जिला कारागार में तैनात रहे सहकर्मी सिपाही अतुल कुमार यादव की प्रताड़ना से परेशान होकर दिनांक 17मई 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों में जिला कारागार परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में आत्महत्या कर लिए जाने के मामले में घटना के लगभग 17 महीने बीत जाने के बाद अदालत के कड़े आदेश के बाद नगर कोतवाली पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई है। मृतका शांती यादव के पिता ने कारागार में तैनात रहे एक सिपाही अमित कुमार यादव पर शादी का झूठा झांसा देकर लगातार लाखों रुपये ऐंठने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करके खुदकुशी के लिए विवश करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस और विभागीय स्तर से न्याय न मिलने पर पीड़ित पिता ने न्यायालय की शरण ली थी, जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है,जौनपुर निवासी मृतका के पिता के पिता द्वारा बताया गया कि पुत्री शांति यादव अयोध्या मंडल कारागार में महिला वार्डर के पद पर कार्यरत रही जेल में विशेष ड्यूटी के सिलसिले में तैनात रहे अतुल कुमार यादव नामक कर्मी से उनकी बेटी का संपर्क हुआ था। आरोप है कि अतुल ने उसे प्रेमजाल और विवाह का झांसा देकर अपने विश्वास में लिया और भावनात्मक दबाव बनाकर यूपीआई व नकद माध्यम से कई किस्तों में भारी धनराशि ऐंठ ली, किंतु जब शांति द्वारा शादी का दबाव बनाया तो आरोपी मुकर गया और प्रताड़ित करने लगा।आत्महत्या घटना की सूचना मिलते ही वे कारागार पहुंचे थे, जहां उन्हें बेटी का शव मिला था। इसके उपरांत उन्होंने कारागार के उच्चाधिकारियों और स्थानीय पुलिस को पूरे प्रकरण व लेन-देन के साक्ष्यों से अवगत कराया, किंतु लंबे समय तक कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्होंने 6 जून 2025 को विधिवत लिखित तहरीर दी और 16 जून को शासन के आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस के टालमटोल भरे रवैये के चलते उन्हें अदालत की चौखट पर दस्तक देनी पड़ी।कोतवाली प्रभारी नगर मनोज शर्मा द्वारा बताया गया कि कोर्ट के आदेश पर अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और वित्तीय लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) व अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गहन विवेचना की जा रही है, जिसके निष्कर्षों के अनुसार आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
