स्कूली छात्रों के लिए ट्रांसर्फोमेटिव ट्यूज्डे नामक एक विशेष अभियान का शुभारंभ
1 min readधौलपुर ,राजस्थान।
विधिक जागरूकता शिविर का किया आयोजन
धौलपुर
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपालना में सम्पूर्ण राजस्थान राज्य में स्कूली छात्रों के लिए ट्रांसर्फोमेटिव ट्यूज्डे नामक एक विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर छात्रों को उनके विधिक अधिकार, कर्तव्यों और साइबर अपराध, बाल विवाह एवं नशे को ना हो, अपने सपनों को हां कहो नशा कोई स्टाइल नहींः अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करों, शोषण के खलिफ आवाज़ उठाएँ, अपने शरीर और मन की रक्षा करें; गुड टच और बैड टच के बीच का फर्क समझें और सुरक्षित रहें, अजनबियों से सावधान-मना करो, दूर जाओ, बताओ जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक-विधिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिशनौदा में ट्रांसर्फोमेटिव ट्यूज्डे के अंतर्गत अक्टूबर माह के विषय अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहें, जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए” नालसा स्कीमों के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें सचिव रेखा यादव ने बच्चों को बताया कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि ऐसा सुरक्षित वातावरण है, जहां प्रत्येक बच्चा बिना किसी भय के सीख सके और अपने भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सके। साथ ही बताया कि विद्यालय में किसी भी प्रकार की असुरक्षित स्थिति दिखाई देने पर वे उसे नजरअंदाज न करें, बल्कि तत्काल अपने शिक्षक, प्रधानाचार्य अथवा अभिभावकों को इसकी जानकारी दें। बच्चों को यह भी समझाया गया कि बिजली के खुले तारों को छूना, जर्जर भवन के नीचे बैठना तथा असुरक्षित स्थानों पर खेलना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। साथ ही निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अंतर्गत सुरक्षित विद्यालयी आधारभूत सुविधाओं के महत्व तथा अधिनियम की धारा 19 में निर्धारित विद्यालयी मानकों के संबंध में भी जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक बच्चे को सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है, बच्चों के साथ जाति, लिंग, धर्म, दिव्यांगता अथवा आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए तथा शारीरिक दंड एवं मानसिक उत्पीड़न से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए साथ ही बताया कि इसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले। जागरूक बच्चा अपने अधिकारों को पहचाने, खतरे के प्रति सजग रहे, और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने से नहीं घबराता। सुरक्षित विद्यालय ही सुरक्षित बचपन और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है साथ ही नालसा द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

