जर्जर पुल से विसर्जन की जिद, नायब तहसीलदार से अभद्रता,एसएचओ ने खुद वादी बनकर 10 पर दर्ज कराया मुकदमा
1 min readदुर्गा प्रतिमा विसर्जन में हंगामा
जर्जर पुल से विसर्जन की जिद, नायब तहसीलदार से अभद्रता,एसएचओ ने खुद वादी बनकर 10 पर दर्ज कराया मुकदमा
9 गंभीर धाराओं में केस दर्ज, सरकारी कार्य में बाधा, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप, रात 10 बजे तक चला विसर्जन
गोण्डा। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अधिकारियों से अभद्रता करना 10 लोगों को भारी पड़ गया। खोड़ारे थाना क्षेत्र के घारीघाट पर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 10 नामजद लोगों के विरुद्ध 9 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में थाना प्रभारी ज्ञान सिंह खुद वादी बने हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 20 अक्टूबर की है। घारीघाट पर दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन चल रहा था। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से वहां के एक पुल को जर्जर घोषित कर रखा था और उस पुल से विसर्जन पर रोक लगाई थी। मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश तैनात थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोग उसी जर्जर पुल से प्रतिमा विसर्जन करने की जिद पर अड़ गए। नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश ने जब उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रोका तो वे आक्रोशित हो गए। आरोप है कि नामजद 10 लोगों ने नायब तहसीलदार से अभद्रता की, गाली-गलौज की, सरकारी कार्य में बाधा डाली और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस टीम ने मौके पर काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इस हंगामे और विवाद के कारण विसर्जन का कार्यक्रम देर रात 10 बजे तक चलता रहा, जिससे प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एसएचओ खुद बने वादी, 9 धाराओं में एफआईआर
मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष खोड़ारे ज्ञान सिंह ने स्वयं वादी बनकर 10 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने इन पर भारतीय न्याय संहिता की सरकारी कार्य में बाधा डालना, लोकसेवक से अभद्रता, बल प्रयोग, धमकी देना सहित 9 गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

