किसान-मजदूरों की आवाज बुलंद कर रहे कामरेड अरुण कुमार मिश्रा
1 min readमहोबा में हंसिया-बाली के समर्थन में जनसंपर्क अभियान, 2027 विधानसभा चुनाव में दावेदारी को लेकर जनता से संवाद
महोबा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के चुनाव चिह्न हंसिया-बाली के समर्थन में जनसंपर्क अभियान के दौरान कामरेड अरुण कुमार मिश्रा ने किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम जनता से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में महोबा से प्रत्याशी बनने की दावेदारी पेश कर रहे कामरेड मिश्रा ने विभिन्न जनहित के मुद्दों को उठाते हुए जनता के सामने अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर मजबूत होंगे, तभी देश मजबूत होगा। केवल चुनावी वादों और जुमलेबाजी से आम जनता का भला नहीं होने वाला। आज जरूरत ऐसी व्यवस्था की है, जिसमें पूंजीपतियों के हितों के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, गरीबों और वंचितों के अधिकारों को भी प्राथमिकता मिले।
कामरेड मिश्रा ने कहा कि किसान अपनी मेहनत से देश का पेट भरता है और मजदूर अपने श्रम से देश की अर्थव्यवस्था को गति देता है। इसके बावजूद यदि किसान आर्थिक संकट से जूझे और मजदूर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहे, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान-मजदूरों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और आरक्षण के मुद्दों पर उठाई आवाज
जनसंपर्क के दौरान कामरेड अरुण कुमार मिश्रा ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को आम आदमी की पहुंच में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जनता की बुनियादी जरूरतें हैं। ऐसी नीतियों का विरोध होना चाहिए, जिनसे गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा और आम लोगों के इलाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
उन्होंने यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर पुनर्विचार, एससी-एसटी से संबंधित प्रावधानों में संशोधन के सवाल तथा आरक्षण की व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा तथा सभी प्रभावित वर्गों की बात सुनकर ही निर्णय क्यों नहीं लिए जाते? उनके अनुसार, इन विषयों पर संविधान, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों को ध्यान में रखकर संवाद होना चाहिए।
धर्म और जाति के नाम पर विभाजन का किया विरोध
कामरेड मिश्रा ने कहा कि धर्म, जाति और सामाजिक पहचान के नाम पर लोगों को बांटने के बजाय समाज में भाईचारा, समानता और एकता को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि वह चुनाव के समय भावनात्मक नारों और खोखले वादों के बजाय जनहित के कार्यों, नीतियों और जनप्रतिनिधियों के आचरण के आधार पर अपना निर्णय ले।
उन्होंने कहा, “जिन्हें जनता ने विश्वास के साथ सत्ता सौंपी है, उनसे जनता को जवाबदेही और जनकल्याण की अपेक्षा रहती है। विपक्ष में रहते हुए जनता के पक्ष में आवाज उठाना और सत्ता में आने के बाद जनविरोधी नीतियां अपनाना उचित नहीं है।”
उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि अपने दुखों का कारण स्वयं न बनें। अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करें और ऐसे प्रतिनिधियों का चयन करें, जो जनता के बीच रहकर उसकी समस्याओं को समझें तथा उनके समाधान के लिए संघर्ष करें।
हंसिया-बाली को अपनाने का किया आह्वान
कामरेड अरुण कुमार मिश्रा ने किसानों और मजदूरों से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के चुनाव चिह्न हंसिया-बाली को पहचानने और उसके विचारों पर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने नारा दिया—
“सीपीआई जिंदाबाद!
किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद!
हंसिया-बाली जिंदाबाद!”
उन्होंने कहा कि किसान-मजदूरों, युवाओं और गरीब परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष जरूरी है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वह अपने बच्चों के भविष्य, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को चुनावी चर्चा का केंद्र बनाए।
इस दौरान उन्होंने संकल्प का नारा भी दिया—
“आधी रोटी खाएंगे,
हंसिया-बाली अपनाएंगे,
अपने युवा बच्चों का भविष्य बचाएंगे!”
जनता ने किया स्वागत, गूंजे सीपीआई के समर्थन में नारे
जनसंपर्क अभियान के दौरान कामरेड अरुण कुमार मिश्रा ने देवतुल्य जनता-जनार्दन के समक्ष अपनी बात रखी। आयोजकों के अनुसार, इस दौरान लोगों ने उनका स्वागत किया और सीपीआई के समर्थन में नारे लगाए।
इस अवसर पर कामरेड डी. राजा जिंदाबाद, कामरेड सरस जी जिंदाबाद, कामरेड श्यामसुंदर सिंह राजपूत जिंदाबाद तथा कामरेड ऑक्सीजन बाबा रामकृष्ण अवस्थी जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए।
कामरेड अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं को राजनीतिक मंच पर प्रमुखता से उठाना तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत करने के लिए जनसंपर्क बढ़ाना है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में महोबा से प्रत्याशी बनने की उनकी दावेदारी भी इसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा है।
उन्होंने जनता से अपील की कि वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बने, जनहित के मुद्दों पर एकजुट हो और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए।

