August 30, 2026

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गूंजा सनातन संस्कृति का शंखनाद, ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ का भव्य स्वागत

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सुल्तानपुर में गूंजा सनातन संस्कृति का शंखनाद, ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ का भव्य स्वागत
स्वामी चिन्मयानंद मार्ग’ का हुआ लोकार्पण , मारवाड़ी धर्मशाला में हुआ दिव्य पादुका पूजनजय श्रीराम के जयघोष से गूंजा वातावरण
सुल्तानपुर
भगवद्गीता, वेदांत और भारतीय सनातन ज्ञान परंपरा का संदेश लेकर देशभर में भ्रमण कर रही ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ का सुल्तानपुर में भव्य, श्रद्धापूर्ण और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। यात्रा के शहर में प्रवेश करते ही विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं और सनातन प्रेमियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। पूरा वातावरण ‘जय श्रीराम’, ‘ वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।
शनिवार दोपहर लगभग 1 बजे यात्रा के सुल्तानपुर पहुंचने पर गायत्री परिवार, रोटरी ट्रांसगोमती, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, घर सुल्तानपुर फाउंडेशन, अंकुरण फाउंडेशन, गौ रक्षा वाहिनी, पुरोहित समाज, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), मेडिकल स्टोर एसोसिएशन तथा गोमती मित्र मंडल सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया।
स्वामी चिन्मयानंद मार्ग’ का भव्य लोकार्पण
यात्रा के सुल्तानपुर आगमन के पश्चात परम पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी के विग्रह एवं पवित्र पादुकाओं की दिव्य उपस्थिति में नवनिर्मित ‘स्वामी चिन्मयानंद मार्ग’ का भव्य उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर पूज्य स्वामी मित्रानंद जी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, सुल्तानपुर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. जे.पी. सिंह, डॉ. प्रेमलता अग्रवाल, डॉ. आशीष, डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. के.एस. तिवारी, डॉ. विनोद, आर.पी. सिंह, डॉ. राजेंद्र कपूर, रूपेश सिंह, मदन सिंह, दिनकर सिंह, डॉ. पवन , गौ रक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह, सरदार जिम्मी सिंह, कुंवर दिनकर सिंह, सुभाष सोनकर, मुकेश कसौधन सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, धर्मप्रेमी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सर्वेश कुमार सिंह, प्रदेश प्रभारी गौ रक्षा वाहिनी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने चिन्मय अमृत यात्रा को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सनातन ज्ञान परंपरा के प्रसार की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए यात्रा का स्वागत किया।
उद्घाटन के बाद नवनिर्मित मार्ग पर स्वामी चिन्मयानंद जी के विग्रह एवं पवित्र पादुकाओं की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का नेतृत्व सरस्वती विद्या मंदिर, विवेकानंद नगर के घोष दल के विद्यार्थियों ने किया। घोष दल की धुनों और धार्मिक जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
धार्मिक-सामाजिक संगठनों की एकता से मजबूत होगा भारत: स्वामी मित्रानंद
शोभायात्रा मारवाड़ी धर्मशाला पहुंची, जहां विशाल पादुका पूजन समारोह आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर स्वामी चिन्मयानंद जी की पवित्र पादुकाओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पूज्य स्वामी मित्रानंद जी ने कहा कि भारत को विश्व पटल पर और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए देश के धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के बीच एकता और समन्वय आवश्यक है। उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद जी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भगवद्गीता और वेदांत के ज्ञान को देश ही नहीं, बल्कि विश्वभर में पहुंचाने का महान कार्य किया।
उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और ज्ञान परंपरा में निहित है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और शास्त्रों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अमृत वाहिनी’ ने प्रस्तुत किया आध्यात्मिक संदेश
यात्रा के साथ चल रहे ‘अमृत वाहिनी’ दल का नेतृत्व कर रहे ब्रह्मचारी सुधीर चैतन्य एवं ब्रह्मचारिणी तारिणी चैतन्य ने यात्रा की सुंदर प्रस्तुति दी।
उन्होंने बताया कि चिन्मय मिशन के ‘युवावीर’ भगवद्गीता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए आधुनिक नेक्स्ट-जेनरेशन ऑडियो-विजुअल कंटेंट तैयार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को भारतीय दर्शन, गीता और सनातन ज्ञान परंपरा से आधुनिक माध्यमों के जरिए जोड़ना है।
1993 से सुल्तानपुर में ज्ञान की अलख जगा रहा चिन्मय मिशन
स्वागत भाषण में डॉ. जे.पी. सिंह ने बताया कि सुल्तानपुर में चिन्मय मिशन की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी। तब से मिशन लगातार ज्ञान यज्ञ, आध्यात्मिक कार्यक्रमों और वेदांत के माध्यम से लोगों में भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार कर रहा है।
कार्यक्रम एवं पादुका पूजन का शानदार संचालन सचिव श्रीमती रंजना सिंह ने किया, जबकि डॉ. आशीष ने उपस्थित अतिथियों, संतों, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने ‘अमृत वाहिनी’ के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।
242 दिन पूरे, अयोध्या की ओर बढ़ी अमृत यात्रा
चिन्मय अमृत यात्रा अपनी राष्ट्रीय यात्रा के 242 दिन पूरे कर चुकी है। सुल्तानपुर में भव्य स्वागत के बाद यात्रा आज श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या के लिए प्रस्थान करेगी।
यह 295 दिवसीय महायात्रा देश के विभिन्न हिस्सों में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, भगवद्गीता और वेदांत का संदेश पहुंचाते हुए आगे बढ़ रही है। यात्रा का भव्य समापन दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ‘चिन्मय मिशन अमृत महोत्सव’ के रूप में होगा।
सुल्तानपुर में आयोजित यह आयोजन केवल एक यात्रा का स्वागत नहीं, बल्कि सनातन ज्ञान, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रति समाज की आस्था एवं एकजुटता का विराट प्रदर्शन बन गया। संतों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और सनातन प्रेमियों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि अपनी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए समाज निरंतर सजग और सक्रिय है।

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