बेखौफ चोरों का आतंक, हड़ियागाड़ा कम्पोजिट विद्यालय में ताला तोड़कर दो सिलेंडर समेत रसोई का सामान पार
1 min readबालपुर में बेखौफ चोरों का आतंक: हड़ियागाड़ा कम्पोजिट विद्यालय में ताला तोड़कर दो सिलेंडर समेत रसोई का सामान पार
दो महीने में आधा दर्जन से अधिक विद्यालय बन चुके हैं चोरी का शिकार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
गोण्डा। बालपुर चौकी क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों में चोरी करने वाले गिरोह का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब आये दिन स्कूलों के ताले टूट रहे हैं, लेकिन पुलिस वारदातों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। जिससे विद्यालय स्टाफ में दहशत है, और बच्चों का मिड-डे-मील बाधित है। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में रसोईघर को निशाना बनाकर चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
ताजा मामला कम्पोजिट विद्यालय हड़ियागाड़ा का है, जहां 23 अगस्त की रात अज्ञात चोरों ने रसोईघर का ताला तोड़कर दो गैस सिलेंडर, बर्तन और मिड-डे-मील का पूरा सामान पार कर दिया। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राम अनुज शुक्ला ने बालपुर चौकी पुलिस को शिकायती पत्र देकर चोरी गए सामान की बरामदगी और कार्रवाई की मांग की है।
एक ही पैटर्न, एक ही गिरोह – रसोई को बना रहे निशाना
बताया जाता है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। बालपुर चौकी क्षेत्र से सटे विकासखंड हलधरमऊ के ग्राम छिटनापुर स्थित जूनियर हाईस्कूल में 16-17 अगस्त की रात भी इसी अंदाज में रसोई का कुंडा काटकर गैस सिलेंडर चोरी हुआ था। प्रभारी प्रधानाध्यापक तेज प्रकाश सिंह ने 17 अगस्त को ही पुलिस और अधिकारियों को सूचना दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 2 महीनों में बालपुर, छिटनापुर सहित आधा दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालयों में चोरों ने सिर्फ रसोई, सिलेंडर और बर्तन को ही निशाना बनाया है। एक ही तरीका, एक ही समय -इससे साफ है कि यह कोई नशेड़ी नहीं बल्कि सरकारी स्कूलों को निशाना बनाने वाला संगठित गिरोह है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, कानून व्यवस्था की खुली पोल
लगातार चोरियों के बाद शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूलों में लाखों का सामान, बच्चों के खाने का सामान रखा है। रात में कोई गश्त नहीं, न चौकीदार, न सीसीटीवी। पुलिस सिर्फ कागजों में गश्त दिखाती है। पुलिस का हर बार एक ही जवाब – “तहरीर मिली है, जांच की जा रही है।” लेकिन दो महीने में एक भी चोरी का खुलासा नहीं। सवाल यह है कि जब दिन में डायल 112 गश्त करती दिखती है तो रात में सरकारी स्कूल भगवान भरोसे क्यों?
मिड-डे-मील और पढ़ाई दोनों पर संकट
बार-बार रसोई का सामान चोरी होने से प्रधानाध्यापक अपने पैसे से व्यवस्था कर रहे हैं, मिड-डे-मील बनना बंद हो रहा है और पठन-पाठन बाधित हो रहा है।
ग्रामीणों ने एसपी गोंडा से मांग की है कि बालपुर चौकी क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, स्कूलों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सख्त कार्रवाई की जाए, वरना ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।


