मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में मानक विहीन उपहार व अव्यवस्था, कार्यवाही शून्य
1 min readगोण्डा।
एक तरफ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को ब्रांडेड और गुणवत्तापूर्ण उपहार देने के शासनादेश जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ गोण्डा के रॉयल पैलेस में दिनाँक 21/23 जुलाई 2026 को सम्पन्न हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने के आरोप लगे हैं।
उपहारों में भारी अनियमितता
दूल्हा-दुल्हनों का आरोप है कि शासन द्वारा 05 किलो वजन की एल्यूमिनियम कड़ाही दिए जाने का आदेश है, लेकिन यहां डेढ़ से 02 किलो की हल्की कड़ाही दी गई। जोड़े के विवाह के समय खींचे गए फोटो का एलबम और विवाह प्रमाण पत्र भी नहीं दिया गया। नियम के अनुसार 25 जोड़ों पर 01 फोटोग्राफर होना चाहिए था, लेकिन पूरे कार्यक्रम में अधिकतम 08 फोटोग्राफर ही मौजूद थे। रैमण्ड ब्रांड लिखा पैंट-शर्ट तो दिया गया, पर उसकी गुणवत्ता इतनी खराब थी कि गांव-गांव फेरी करने वाले उसे 150-200 रुपये में बेचते हैं।
भोजन और अन्य व्यवस्थाएं भी बदहाल
आदेश के अनुसार जोड़ों को बांस की टोकरी में लड्डू दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भोजन खुले में रखा गया। पानी के गिलास खत्म होने पर लोग हाथ में पानी भरकर पीते दिखे। हिन्दू रीति के अनुसार 02 गुलाब की माला दी जानी थी, लेकिन यहां गेंदे की माला से काम चलाया गया।
पारदर्शिता की मांग
दूल्हा-दुल्हनों और उनके परिजनों ने मांग की है कि भविष्य में उपहार वितरण में पारदर्शिता लाई जाए। समिति द्वारा पास किए गए सैम्पल को वितरण स्थल पर एक अधिकारी की अभिरक्षा में रखा जाए, उपहारों का नाम, मानक और वजन लिखा होर्डिंग लगाया जाए और वजन के लिए इलेक्ट्रॉनिक तराजू की व्यवस्था हो।
कार्यवाही क्यों नहीं,उठते सवाल?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 22.07.2026 को इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद भी न तो समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने संज्ञान लिया और न ही जिला प्रशासन ने कोई कार्यवाही की। जनपदवासियों में चर्चा है कि लिखते रहो खबर, पर गोण्डा में नहीं पड़ने वाला कोई असर, क्योंकि यहां पूर्ण रूप से रामराज्य कायम हो चुका है।
महादेव मौर्या

