45 डिग्री की तपिश में शिक्षकों की मिसाल,राहगीरों को बांटे गमछे
1 min readबांदा।
अप्रैल माह में ही 45 डिग्री तापमान के साथ एशिया के सबसे गर्म जिले के रूप में चर्चा में आए बांदा में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। तपती धूप में राहगीरों, श्रमिकों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे हालात में शिक्षक अंकित दीक्षित, नीरज द्विवेदी और राहुल साहू ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए राहगीरों को गर्मी से बचाव के लिए गमछों का वितरण किया।
शहर के प्रमुख मार्गों पर चलाए गए इस अभियान के दौरान शिक्षकों ने राह चलते लोगों को गमछे बांटे और उन्हें सिर ढककर चलने, पर्याप्त पानी पीने तथा लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। भीषण गर्मी के बीच यह पहल राहगीरों के लिए राहत लेकर आई।
शिक्षक अंकित दीक्षित ने बताया कि इस तरह के जनहित कार्य आगे भी बांदा के अनेक स्थानों पर जारी रहेंगे और जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लोगों की सेवा करना प्राथमिकता है। इस दौरान नीरज द्विवेदी और राहुल साहू ने भी इस अभियान को लगातार जारी रखने की बात कही।
स्थानीय लोगों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल बताया। भीषण गर्मी के दौर में शिक्षकों की यह पहल चर्चा का विषय बनी हुई है।

