आदर्श ग्राम में किसानों की दुर्दशा,सांसद के गोद लिए किसानों का भ्रष्टाचारियों ने किया अनाथों से भी बुरा हाल
1 min readसांसद के गोद लिए किसानों का भ्रष्टाचारियों ने किया अनाथों से भी बुरा हाल
आदर्श ग्राम में किसानों की दुर्दशा
धान खरीदी में खुली लूट: 41.900 किलो तौल, सुविधाएं शून्य; महिला स्व सहायता समूह पर गंभीर आरोप
सतना। सतना सांसद गणेश सिंह द्वारा गोद लिए गए कोटर तहसील क्षेत्रांतर्गत आदर्श ग्राम अबेर के किसानों से धान खरीदी व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में है। MPWLC लखनवाह वेयरहाउस केंद्र पर संचालित कामतानाथ महिला स्व सहायता समूह पर किसानों से खुलेआम अनियमितता और शोषण के आरोप लगे हैं। किसान इसे “पेट में ढाका डालने” जैसा अन्याय बता रहे हैं।
हर बोरी में अतिरिक्त धान, सीधा नुकसान
किसानों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर प्रति बोरी 41 किलो 900 ग्राम धान की तौल कराई जा रही है, जबकि सरकारी मानक के अनुसार 40 किलो 600 ग्राम (बोरी वजन सहित) ही लिया जाना चाहिए। हर बोरी में अतिरिक्त धान लेकर किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
केंद्र से नदारद जिम्मेदार, निगरानी शून्य
खरीदी केंद्र पर अध्यक्ष से लेकर समूह की सदस्य तक अक्सर गायब रहती हैं। महिला ऑपरेटर भी मौके पर नहीं मिलती। न सीसीटीवी, न छन्ना, न ग्रेडर—इसके बावजूद व्यापारियों की सड़ी, कंकरयुक्त और बदरा मिली अमानक धान की तुलाई धड़ल्ले से हो रही है।
₹10 प्रति क्विंटल अवैध वसूली
किसानों से तुलाई के नाम पर ₹10 प्रति क्विंटल की अवैध वसूली का आरोप है। केंद्र पर पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, टेंट या अलाव—कुछ भी नहीं। ठंड में किसान घंटों खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।
बिजली नहीं, धर्मकांटा खराब; फिर भी खरीदी
वेयरहाउस में बिजली उपलब्ध नहीं है। जो धर्मकांटा है, वह भी खराब बताया जा रहा है। इसके बावजूद खरीदी जारी है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बोरियों की चोरी का आरोप
इसी परिसर में प्राथमिक शाख मर्यादित सहकारी समिति चूंद तिहाई की खरीदी भी चल रही है। समिति प्रबंधक ने आरोप लगाया कि उनके केंद्र की धान से भरी बोरियों की चोरी कामतानाथ महिला स्व सहायता समूह के संचालक द्वारा कराई जा रही है।
खरीदी की अवधि, परेशानी लगातार
धान खरीदी 1 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक होनी है, लेकिन शुरुआत से ही किसानों को शोषण और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
न्याय की गुहार
पीड़ित किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की है और सांसद से हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का सवाल है—“अगर सांसद के गोद लिए ग्राम के किसानों का यह हाल है, तो बाकी गांवों का क्या होगा?”
इनका कहना है कि
“न बिजली है, न पानी की व्यवस्था। कामतानाथ महिला स्व सहायता समूह के संचालक द्वारा किसानों की बोरियां चोरी कराई जा रही हैं। या तो हमें दूसरी जगह दी जाए या इस समूह को यहां से हटाया जाए।”
गोपिका पाण्डेय, प्रबंधक
बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि शाख सहकारी समिति मर्यादित, चूंद तिहाई
अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर कब कार्रवाई करता है, या किसान यूं ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहेंगे।

