February 16, 2026

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धर्मांतरण कराने और हत्या की धमकी का आरोप,पीड़ित ने एसपी से मांगी सुरक्षा

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कर्नलगंज, गोंडा।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत अखड़ेड़ा निवासी राजेश शर्मा पुत्र भूखन शर्मा ने गांव में चल रहे जबरन धर्मांतरण और जान से मारने की धमकियों से त्रस्त होकर पुलिस अधीक्षक गोंडा को एक शिकायती पत्र सौंपा है। पीड़ित ने अपनी पत्नी के साथ हुए कथित धर्मांतरण और खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिशों का भी जिक्र करते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।

गांव में धर्मांतरण और दबंगई का आरोप

राजेश शर्मा ने पत्र में लिखा है कि अखड़ेड़ा गांव मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। गांव के ही कुछ कथित अपराधी तत्व, जिनमें मतीन पुत्र शाने, कय्यूम पुत्र निजामुद्दीन, फिरोज पुत्र सलाहू समेत अन्य लोग भी शामिल हैं, जबरन हिंदू अल्पसंख्यक परिवारों का धर्मांतरण करा उन्हें मुस्लिम बनाते हैं। आरोपियों पर 307, 308, 395, 376D, जैसे कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और ये लोग एक संगठित गिरोह की तरह कार्य कर रहे हैं। पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाया है कि इन लोगों ने गांव के गरीब और पिछड़ी जाति के हिंदुओं पर दबाव डालकर उनका धर्म परिवर्तन कराया है, साथ ही उनकी जमीन-जायदाद पर भी कब्जा कर लिया।

पत्नी का जबरन धर्मांतरण और निकाह कराने का आरोप

राजेश शर्मा का आरोप है कि उसकी पत्नी श्रीदेवी का 2016 मे इन लोगों ने मिलकर जबरन धर्मांतरण कराया और कय्यूम पुत्र निजामुद्दीन से निकाह करवा दिया गया और उसका बना बनाया मकान भी छीन लिया गया और उसके साथ लूट भी की गई और उसे मार कर गांव से निकाल दिया गया तभी से वह अपने बच्चे के साथ कटरा बाजार के बड़हीपुरवा गांव में रह रहा है। इस घटना को लेकर उसने थाना कोतवाली कर्नलगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन आरोपी लगातार उसे धमकाकर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। राजेश शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में जब वह मुकदमे की पेशी पर अदालत गया था, तो कचहरी व विकास भवन के पास कुछ आरोपियों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने असलहा दिखाते हुए धमकी दी कि “मुकदमा खत्म कर लो, वरना जो थोड़ी-बहुत जमीन बची है वह भी हड़प लेंगे और तुम्हें भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे।” किसी तरह वह अपनी जान बचाकर घर पहुंचा। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि घोषित अपराधी तत्वों द्वारा कराए जा रहे जबरन धर्मांतरण की गहन जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही उसे और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह न्यायालय में बेखौफ होकर अपनी लड़ाई लड़ सके। वहीं गांव के अन्य लोग भी दबे स्वर में मानते हैं कि कुछ असामाजिक तत्व धर्मांतरण के मामलों में संलिप्त हैं, लेकिन डर के कारण खुलकर सामने नहीं आते।

प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन आरोपियों पर इतने गंभीर अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं फिर भी पुलिस द्वारा इन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है क्यों इन्हें खुलेआम घूमने दिया जा रहा है। क्या कर्नलगंज पुलिस के पास इन अपराधियों के लिए कोई कानून नहीं है अगर समय रहते प्रशासन ने इस मामले पर सख्ती नहीं दिखाई तो गांव का माहौल बिगड़ सकता है। ग्रामीणों ने भी पुलिस प्रशासन से अपेक्षा की है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जाए।

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