April 10, 2026

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कविता जीवन के यथार्थ से परिचय कराती है : शिवमोहन ————संवाद मंच का मासिक ‘कवितायन’ कार्यक्रम

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कविता जीवन के यथार्थ से परिचय कराती है : शिव मोहन ————संवाद मंच का मासिक ‘कवितायन’ कार्यक्रम

बांदा-

शैक्षिक संवाद मंच द्वारा रविवार की शाम आनलाइन आयोजित मासिक कविता पाठ कार्यक्रम ‘कवितायन’ में रचनाकारों ने होली एवं वसंत केंद्रित इंद्रधनुषी रचनाएं प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी। ‘कवितायन’ में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित बाल साहित्यकार शिव मोहन यादव (सहायक संपादक, एनसीईआरटी नई दिल्ली) ने कहा कि कविता समाज जीवन के यथार्थ से परिचित कराती है। कविता समाज को जोड़ने का काम करती है। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा में कार्यरत 14 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने गीत, दोहे, मुक्तक प्रस्तुत किए। अध्यक्षता डॉ. श्रवण कुमार गुप्त ने की। काव्यमय संचालन से शालिनी सिंह को खूब तालियाँ मिलीं। तकनीकी सहयोग प्रीति भारती का रहा।
उक्त जानकारी देते हुए शैक्षिक संवाद मंच के संयोजक दुर्गेश्वर राय ने बताया कि मंच द्वारा आयोजित ‘कवितायन’ के चतुर्थ सत्र ‘फूले हैं पलाश’ में सीमा मिश्रा (फतेहपुर, आया बसंत बन हृदय मीत), वत्सला (कानपुर, देखो ऋतुराज बसंत है आया), विन्ध्येश्वरी प्रसाद विन्ध्य (वाराणसी, रंगों की बौछार है होली), अनुपमा शर्मा (चंदौली, बिना जाने पतझड़ बसंत कैसा), नीतू सिंह (सुल्तानपुर, आओ फाग मनाएं), डॉ. अरविंद द्विवेदी (वाराणसी, बसंत राग), आलोक सिंह (सुल्तानपुर, प्रेम की सौगात है होली), सरिता यादव (महाराज गंज, तुम बसंत मेरे हो), क्षमा सिंह चौहान (बहराइच, बसंत की होली), शालिनी सिंह (कौशाम्बी, प्रेम की होली), नेहा सिंह (महाराज गंज, सखी रे! कैसे खेलूं होली), गुंजन भदौरिया (कन्नौज, होली के रंगों में रंग गई), प्रमोद दीक्षित मलय (बांदा, वासंती मन बांट रहा है) और दुर्गेश्वर राय (गोरखपुर, आ गया बसंत है) ने रचनाएं पढ़ीं। कार्यक्रम के अध्यक्ष नेशनल इनोवेटिव एवार्डी टीचर डॉ. श्रवण कुमार गुप्त जी (वाराणसी) ने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रत्येक रचनाकार की रचना पर समीक्षात्मक टिप्पणी प्रस्तुत करते हुए शैक्षिक संवाद के साहित्य, कला एवं संस्कृति के विकास एवं संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अतिथियों, रचनाकारों एवं सुधी श्रोताओं के प्रति मंच संस्थापक प्रमोद दीक्षित मलय ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया गया। इस दौरान एनसीईआरटी में सहायक संपादक पारुल त्यागी और डॉ. मसूद अहमद, अमर उजाला, कानपुर के कंसल्टेंट राम आसरे, युवा साहित्यकार सतीश कुमार अल्लीपुरी, स्वैच्छिक दुनिया के संस्थापक व संपादक डॉ. राजीव मिश्रा, डीएवी कानपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राज कुमार, आगरा में प्राध्यापक डॉ. यशोधरा यादव ‘यशो’, प्राध्यापक डॉ. अजय कुमार, इंजी. मुकुंद तिवारी, सिविल सेवक केके यादव, दैनिक भास्कर में ब्यूरो चीफ हिमांशु गुप्ता, अमन मिश्रा, अनुज यादव, मीरा कुमारी, अमिता सचान, सुनीता वर्मा, दीप्ति राय, विजय शंकर यादव, कनक, अनामिका ठाकुर, डॉ. अर्चना सिंह, रुचि गर्ग एवं निशा मालवीय सहित तीन दर्जन से अधिक सुधी श्रोता उपस्थित होकर रचनाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे। शैक्षिक संवाद मंच के अध्यक्ष विनीत कुमार मिश्रा की देखरेख में आयोजन सम्पन्न हुआ।

प्रमोद दीक्षित. मलय.की कलम से–

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