लगातार वृक्ष कटान को लेकर हो रही शिकायत ,वन विभाग अधिकारी खामोश
1 min readहरे पेडों पर चलते आरे खामोश ये नजारे जीवन की कीमत कुछ नहीं जब पड़े बेन्टीलेटर तब खोजते आक्सीजन के बाटले
सुलतानपुर
जहां देखो वहां आरे ही नजर आते हैं, आक्सीजन की जगह कार्बन डाइऑक्साइड को बढ़ावा देते नजर आते हैं।एक पेड़ मां के नाम शेष पेड़ों का ठेकेदार ने काम तमाम, जीवन जरुरत नहीं पड़ लोगों के मरने से होगा समाज का विकास, वहीं पेड़ किसी पूंजीपति कांटे तो कोई कानून नहीं, वहीं पेड़ कोई गरीब कांटे तो बहुत बड़ा अपराध, आखिर क्यूं? जनता को परेशान करने का जो मुहिम चलाई जा रही है।ये क्या सुशासन व्यवस्था है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन विभाग मंत्री संसद,व विधायक कही हिस्सा तो नहीं ले रहें हैं।एक फोन पर मामला रफा-दफा हो जा रहा है। आखिर क्यूं? जबर्दस्त तरीके से पेड़ों की कटाई हो रही है। ठीक उसी प्रकार से जहां भाजपा की सरकार में कहीं तालाबों में पानी नहीं है और कहीं पीने के लिए लोग लाईन में खड़े हैं ।जिस गुड़िया तालाब में पानी भारने के लिए ग्राम प्रधान, विडियो,सीडियो जैसे लायक अधिकारियों ने अपने अस्तित्व को कार्य करने के लिए स्वीकार आज तक पानी तालाब में नही भराया वो कैसे गांव की जनता के ऊपर मुसीबत आने पर मद्दत कर देंगे।यह सोचने वाली बात है। राजस्व विभाग के गांव की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान अध्यक्ष व राजस्व सचिव लेखपाल ग्राम सभा की जमीन की रखवाली न करके ग्रामीण से अवैध वसूली करके जेब भर रहे हैं। सरकारी जमीन को कौन कब्जा कर रहा है इससे कोई लेना-देना नहीं है। आखिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस आदेश को चुनौती देते हुए नजर आ रहे हैं।ना खाऊगा और ना खाने दूंगा।।
योगी सरकार में भ्रष्टाचार भू-माफिया लकड़ी माफिया, अपराधी के हौसले बुलंद हो गई है। तभी तो खुलेआम अपराधी धमकियां दे रहे हैं। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।

प्राणनाथपुर बछेड़िया गांव स्थित कब्रिस्तान की भूमि से बुधवार को दिन में दिनदहाड़े शीशम के पेड़ों को गांव के दो लोगों द्वारा काटकर लकड़हारे बेच दिया गया। पेड़ों को काटे जाने के दौरान ग्राम प्रधान अथवा किसी ग्रामीण द्वारा वन विभाग और पुलिस को सूचना नहीं दी गई। गुरुवार सुबह ग्राम प्रधान उदयभान एवं कुछ ग्रामीणों द्वारा क्षेत्रीय वन अधिकारी अजय कुमार वर्मा एवं लेखपाल जयप्रकाश को सूचना दी गई। सूचना पर सम्बन्धित अधिकारीयों द्वारा मौके का निरीक्षण किया। वन अधिकारी ने बताया कि कटे पेड़ों की नाप-जोख कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। लेखपाल जयप्रकाश ने बताया कि प्रधान उदयभान एवं कुछ ग्रामीणों की सूचना पर गांव के ही मुनीर एवं अमर नाथ निषाद के विरुद्ध थाने में तहरीर दी है। जिनके द्वारा लगभग डेढ़ लाख रुपए की क़ीमत के शीशम पेड़ों को काटकर बेंच दिया गया है।थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अजय त्रिपाठी

